ऐसे समय में जालना से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू कर दी है. सूखे की मार झेल रहे इसी जालना में बीजेपी के नेता पर नोटों की बारिश की गई. इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी जताई जा रही है. जालना शहर के मंमादेवी मंदिर परिसर में बीती रात आयोजित भजन कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल पर नोट उड़ाए गए. कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के आग्रह पर गोरंट्याल ने भी डांस किया. वह ‘मैं हूं डॉन’ गाने पर थिरकते नजर आए.
भजन कार्यक्रम में बीजेपी नेता के डांस करने और उन पर नोट उड़ाए जाने की खबर सामने आने के बाद तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं. एक तरफ किसान बारिश की कमी के कारण अपनी फसलें बर्बाद होते देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सूखाग्रस्त इलाके में इस तरह नोट उड़ाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
विपक्षी दल शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट (जो भाजपा की सहयोगी शिवसेना से हैं) ने इस घटना पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि किसान इस समय फसल के नुकसान, बढ़ते कर्ज और पानी व चारे की उपलब्धता को लेकर चिंताओं का सामना कर रहे हैं. शिरसाट ने गोरंट्याल की आलोचना करते हुए कहा, “सूखे के इस दौर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना आम लोगों को पसंद नहीं आएगा. गोरंट्याल अब बीजेपी में हैं, इसलिए उन्हें पार्टी की कार्यशैली के अनुरूप ढलने की कोशिश करनी चाहिए. उन्हें याद रखना चाहिए कि वे अब कांग्रेस में नहीं हैं.”
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गोरंट्याल ने कहा कि यह एक धार्मिक कार्यक्रम था और ऐसे आयोजनों में श्रद्धालु अक्सर पैसे लुटाते हैं. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “मैं अक्सर लक्खा सिंह द्वारा गाए गए देवी-देवताओं और हनुमान जी के भक्ति गीत सुनता हूं. जब कोई व्यक्ति भक्ति में पूरी तरह डूब जाता है और सबके सामने नाचने लगता है, तो उसे पता ही नहीं चलता कि क्या हो रहा है या कोई उस पर पैसे लुटा रहा है या नहीं.”
गोरंट्याल ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो अधूरा है. उन्होंने कहा, “अगर आप पूरा वीडियो देखें, तो पाएंगे कि हमने सूखे की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसानों के लिए प्रार्थना भी की थी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक सक्षम नेता हैं और उन्होंने सूखे से प्रभावित लोगों के लिए कई फैसले लिए हैं.” गोरंट्याल ने आगे कहा, “जब भी लोग ऐसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं, तो वे चाहते हैं कि हम भी उनमें शामिल हों, और कभी-कभी हमें उनके साथ नाचना भी पड़ता है. हम उनकी भावनाओं को अनदेखा नहीं कर सकते. अगर हम सूखे से निपटने के लिए कदम उठाने में विफल रहते हैं, तब हमारी सरकार से सवाल पूछा जा सकता है .”
गोरंट्याल तीन दशकों से अधिक समय तक कांग्रेस में रहे थे, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी और एक साल से भी पहले बीजेपी में शामिल हो गए. उन्होंने जालना विधानसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व किया है. शिवसेना (यूबीटी) के जिला अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि बीजेपी नेता सूखे के कारण किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर गंभीर नहीं हैं. उन्होंने कहा, “अगर बीजेपी नेता सच में मदद करना चाहते हैं, तो उन्हें एक चैरिटी डांस शो आयोजित करना चाहिए और उससे मिलने वाली रकम सूखे से प्रभावित लोगों को दान कर देनी चाहिए.”
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