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होमताजा खबरदेशबर्थडे के दिन जेल पहुंचे आशुतोष रांका, सौरव दास के साथ 5 दिन की न्यायिक हिरासत

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जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश कर प्रदर्शन करने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं, अजिंक्य शिंदे को जमानत मिल गई है. पुलिस के मुताबिक, सौरव और आशुतोष पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए मुचलके की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है. खास बात यह है कि आशुतोष रांका को उनके जन्मदिन पर जेल जाना पड़ा.

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बर्थडे के दिन जेल पहुंचे आशुतोष रांका, सौरव दास के साथ 5 दिन की न्यायिक हिरासतZoom

बर्थडे के दिन जेल पहुंचे आशुतोष रांका, सौरव दास के साथ 5 दिन की न्यायिक हिरासत( X/@whattalawyer)

जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के लिए जबरन घुसने के मामले में सीजेपी को बड़ा झटका लगा है. सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है. स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने आज यानी बुधवार को सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा. वहीं, अजिंक्य शिंदे को मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी. बता दें कि आशुतोष रांका का आज बर्थडे है और आज वह जेल चले गए. आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य जंतर-मंतर से मंगलवार को गिरफ्तार हुए थे. बॉन्ड तोड़ने पर उनके खिलाफ एक्शन हुआ है.

दरअसल, सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में आज यानी बुधवार को एहतियातन गिरफ्तार किया गया. इससे पहले उन्हें मंगलवार को हिरासत में लिया गया. आज यानी बुधवार की सुबह उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. पुलिस की ओर से दलील दी गई कि सौरव और आशुतोष का यह एक्शन बांड का वायलेशन है. इसके बाद कोर्ट ने सौरव और आशुतोष को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा. जबकि अजिंक्य शिंदे से बेल बांड भरवा कर जमानत दी गई.

5 दिन के लिए जेल क्यों भेजा गया?

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने कहा कि बीएनएस की धारा 163 का सौरभ दास और आशुतोष रांका का ने दोबारा से उल्लंघन किया है. वे दोनों रिपीट ऑफेंडर हैं. उन्होंने बॉन्ड की शर्तों को तोड़ा. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया.

गौरतलब है कि मंगलवार तड़के तीनों को उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वे पर अवरोधक पार कर जंतर-मंतर क्षेत्र में घुस गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे. जंतर-मंतर को हाल में प्रदर्शनों के लिए अधिसूचित स्थलों की सूची से हटा दिया गया है. सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने तीनों के खिलाफ जबरन प्रवेश करने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, शांति बनाए रखने के लिए दिए गए मुचलके की शर्तों का उल्लंघन करने और लोक सेवक को उसके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया है.

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले सप्ताह हुए एक अन्य प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद रांका और दास ने एक वर्ष तक शांति बनाए रखने के मुचलके पर हस्ताक्षर किए थे.

यह घटनाक्रम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कॉजपा और अन्य संगठनों के लगातार जारी प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बाद सामने आया है. दिल्ली के पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल घोषित किया था. इसके बाद जंतर-मंतर को निर्धारित धरना स्थलों की सूची से हटा दिया गया.

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शंकर पंड‍ित

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…

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