- अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाते हैं डॉ. ईरज राजा, अब बलिया में संभाली कमान
- चिकित्सक से आईपीएस बने अधिकारी की कार्यशैली पर निगाहें, अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई होगी नई चुनौती
- जालौन से गाजीपुर तक संभाली पुलिस की कमान, मुठभेड़ों और अपराधियों पर कार्रवाई को लेकर रहे चर्चा में हैं आईपीएस डॉ. ईरज
उदय भूमि संवाददाता
बलिया। उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सख्त कार्यशैली और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले आईपीएस अधिकारी डॉ. ईरज राजा ने शुक्रवार को बलिया के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभाल लिया। चिकित्सा सेवा से पुलिस सेवा में आए डॉ. राजा के सामने अब जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने, संगठित अपराध पर अंकुश लगाने और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने की जिम्मेदारी है। उनकी पिछली तैनातियों में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों को देखते हुए बलिया में भी उनसे सख्त पुलिसिंग की उम्मीद की जा रही है।
मूल रूप से आगरा के रहने वाले डॉ. ईरज राजा उत्तर प्रदेश संवर्ग के वर्ष 2017 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने वर्ष 2011 में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद करीब चार से पांच वर्षों तक बिजनौर जिले में चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं। चिकित्सा क्षेत्र में अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की और भारतीय पुलिस सेवा में आए।
प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली तैनाती लखनऊ में हुई। इसके बाद उन्होंने फिरोजाबाद और मेरठ में अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। गाजियाबाद में ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक के तौर पर भी उन्होंने काम किया। आगे चलकर जालौन और गाजीपुर जैसे जिलों में पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी निभाई। अलग-अलग क्षेत्रों में तैनाती के दौरान अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और पुलिस व्यवस्था को सक्रिय रखने की उनकी कार्यशैली चर्चा में रही।
नवागत बलिया पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि बलिया में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना, अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाना और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना हमारी प्राथमिकता होगी। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी सूरत में कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस जनता की शिकायतों के निस्तारण और अपराध नियंत्रण के लिए पूरी तत्परता से काम करेगी।
मुठभेड़ों और अपराधियों की धरपकड़ में रहे सक्रिय
डॉ. ईरज राजा की पिछली तैनातियों के दौरान पुलिस ने वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाए। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, गाजियाबाद में तैनाती के दौरान कई पुलिस मुठभेड़ हुईं। जालौन में भी अपराधियों की धरपकड़, हिस्ट्रीशीट खोलने और गंभीर अपराधों में वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया गया। जालौन में वर्ष 2023 के दौरान पुलिस ने गंभीर अपराधों में वांछित आरोपियों को पकडऩे के लिए 55 मुठभेड़ कीं। इनमें 43 आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हुए, जबकि दो अपराधियों की मौत हुई। इसके अलावा चोरी, लूट, हत्या और डकैती जैसी वारदातों में शामिल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 79 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई और 65 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की जानकारी दी गई। इन कार्रवाइयों के साथ अपराध नियंत्रण और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रही।
अपराध नियंत्रण के साथ जनसेवा में सार्थक पहल
डॉ. राजा की कार्यशैली केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही। जालौन में पुलिस ने साइबर अपराध से प्रभावित लोगों की सहायता, खोए मोबाइल फोन की बरामदगी और जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए भी अभियान चलाए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, साइबर सेल की मदद से 361 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए और करीब 61 लाख रुपये की धनराशि पीडि़तों को वापस कराई गई। बच्चों की तलाश और उन्हें परिवार तक पहुंचाने के लिए चलाए गए अभियान के तहत 39 बच्चों को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द करने की जानकारी भी सामने आई। इसके साथ ही महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन और अन्य सरकारी सहायता सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। मुकदमों में प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाने पर भी जोर दिया गया। इन प्रयासों से पुलिस की भूमिका को अपराध नियंत्रण के साथ जनसेवा से जोडऩे की कोशिश दिखाई दी।
अब बलिया में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती
बलिया में डॉ. ईरज राजा के सामने अब जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय अपराध की प्रकृति और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के अनुरूप रणनीति बनाने की जिम्मेदारी होगी। अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध पर नियंत्रण और आम लोगों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण उनकी प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण रहेंगे। उनकी सख्त कार्यशैली से अपराधियों पर पुलिस का दबाव बढऩे और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, नई तैनाती में उनकी रणनीति और उसके परिणाम आने वाले समय में सामने आएंगे। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि डॉ. ईरज राजा बलिया में पुलिसिंग को किस तरह गति देते हैं और अपराध नियंत्रण के लिए कौन-से कदम उठाते हैं।
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