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नई दिल्ली. बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और नितिन गडकरी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने शोक जताया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है.

उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “बहुत कम अभिनेताओं में उनके जैसी असाधारण विविधता और गहराई थी. वे अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसा सकते थे, वहीं ‘अंकुश’, ‘प्रहार’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में उन्होंने एक ऐसी गंभीरता दिखाई जिसने हर किरदार को यादगार बना दिया. उनकी आवाज, उनकी मौजूदगी और बिल्कुल अलग-अलग तरह के किरदारों में ढल जाने की उनकी क्षमता उन्हें सचमुच अद्वितीय बनाती थी.”

राजनाथ सिंह ने कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, वे अपने आप में एक संस्था थे. भारतीय सिनेमा में उनका उल्लेखनीय योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा. उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. उनकी आत्मा को शांति मिले.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. पांच दशकों तक उन्होंने अपने सहज अभिनय और सशक्त संवाद अदायगी से दर्शकों के मन पर अमिट छाप छोड़ी. गंभीर सामाजिक विषय हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस किरदार को निभाया, उसे जीवंत बना दिया.

शाह ने कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से सूखे से जूझ रहे किसान परिवारों की सेवा हो या सीमा पर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाना, वे ख्याति के शिखर पर पहुंचकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहे. जब भी उनसे मिलना हुआ, उनकी सरलता व स्पष्टवादिता ने सदैव प्रभावित किया. ईश्वर शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें.

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, “दिग्गज भारतीय अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है. मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. नाना और मेरे बीच बहुत करीबी और दोस्ताना संबंध थे. अपनी दमदार अदाकारी के दम पर, नाना पाटेकर ने पांच दशकों से अधिक समय तक मराठी और हिंदी सिनेमा के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज किया.”

गडकरी ने कहा कि संवाद अदायगी के अपने खास अंदाज से उन्होंने कई किरदारों को अमर बना दिया और अपनी एक अलग पहचान बनाई. उनका निधन भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है. नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र में जल संरक्षण और भंडारण के क्षेत्रों में उनका काम उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण था. आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों की उन्होंने जो मदद की, वह कई लोगों के लिए सहारा बनी. एक असाधारण कलाकार और अभिनेता होने के साथ-साथ, नाना समाज की जरूरतों के प्रति बेहद संवेदनशील व्यक्ति थे. गडकरी ने प्रार्थना की कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया. उन्होंने लिखा, “दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्माता नाना पाटेकर के 75 वर्ष की आयु में निधन से गहरा दुख हुआ है. उनके दमदार अभिनय, विशिष्ट आवाज और सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा. उनका निधन भारतीय सिनेमा और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं. उनकी आत्मा को शांति मिले.”

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पोस्ट किया, “प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के जाने की खबर सुनकर मन भारी हो गया. उनकी आवाज, बोलने का अंदाज और चेहरे के भाव सीधे दिल तक पहुंचते थे. कभी ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों में गंभीरता से झकझोरते थे, तो ‘वेलकम’ के उदय शेट्टी बनकर खूब हंसाते-गुदगुदाते थे. एक ही कलाकार में इतनी गहराई और हास्य-विनोद था. उनकी फिल्में और किरदार लंबे समय तक हमारी यादों में रहेंगे. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें. विनम्र श्रद्धांजलि.”

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया. पाटिल ने कहा कि हिंदी और मराठी सहित क्षेत्रीय सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय और असाधारण प्रतिभा से उन्होंने भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया. उनके निभाए किरदार और उनका प्रभाव सदैव हमारी स्मृतियों में जीवंत रहेंगे. लेकिन नाना पाटेकर जी का योगदान केवल सिनेमा तक सीमित नहीं था. जल-संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल-सुरक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों ने देशभर में अनेक लोगों को जल संरक्षण के लिए आगे आने की प्रेरणा दी.

सीआर पाटिल ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने कार्यों से यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन केवल शब्दों से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास और जनभागीदारी से आता है. नाना पाटेकर का जाना कला जगत के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी एक बड़ी क्षति है. उनकी कला, उनका संवेदनशील व्यक्तित्व और समाज के लिए उनका समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार, मित्रों तथा असंख्य प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति दें.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने लिखा, “प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के दिग्गज कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर का निधन भारतीय कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. अपने सशक्त और जीवंत अभिनय से उन्होंने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी. सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सेवाभाव भी सदैव प्रेरणादायी रहेगा. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व उनके असंख्य प्रशंसकों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें.”

केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि भारतीय सिनेमा के लिए यह एक बहुत बड़ा और दुखद नुकसान है. नाना पाटेकर असाधारण गहराई, ईमानदारी और विविधता वाले अभिनेता थे. ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.

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