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भारत ने दो-टूक कहा कि जब घर के मुखिया ही अपनी काली करतूतों की गवाही दे रहे हों, तो दुनिया की आंखों में धूल झोंकने की पाकिस्तान की चाल कभी कामयाब नहीं हो सकती.

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PAK खुद के पाले 'आतंक के भस्मासुर' से घिर चुका है: UN में भारत का करारा प्रहारZoom

संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र की धज्जियां उड़ा दी हैं. भारत ने दो-टूक कहा कि पाकिस्तान ने बरसों तक जिस आतंकवाद रूपी ‘फ्रेंकेंस्टीन मॉन्स्टर’ को पड़ोसी मुल्कों को लहूलुहान करने के लिए खाद-पानी दिया, अब वही राक्षस बेकाबू होकर खुद अपने ही आका को निगलने लगा है. दुनिया के सामने खुद को आतंक का पीड़ित बताने का इस्लामाबाद का ढोंग अब किसी काम नहीं आने वाला, क्योंकि खुद पाकिस्तान के शीर्ष नेता इस कड़वी हकीकत को सरेआम कबूल कर चुके हैं. भारत ने साफ लफ्जों में वैश्विक बिरादरी से अपील की है कि आतंकवाद के ऐसे सरकारी संरक्षकों के खिलाफ अब सख्त अंतरराष्ट्रीय एक्शन की जरूरत है.

भारत का सीधा वार: खुद के जाल में उलझा इस्लामाबाद
यूएन मिशन में भारत के प्रथम सचिव रघू पुरी ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के पाखंड का कच्चा चिट्ठा खोल कर रख दिया. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद लंबे समय से खुद को आतंक के खिलाफ जंग का सबसे बड़ा सिपाही और पीड़ित साबित करने की नौटंकी करता आया है. असलियत इसके ठीक उलट है. पाकिस्तान की हुकूमत ने जिस आतंकी भस्मासुर को तैयार किया था, उस पर से अब उसका नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है. पड़ोसियों के घर में आग लगाने वाले ये आतंकी गुट अब खुद पाकिस्तान के भीतर तबाही मचा रहे हैं.

जब अपनों ने ही खोली हुकूमत की पोल
रघू पुरी ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए उसके अपने ही नेताओं के बयानों का हवाला दिया. उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में पाकिस्तान के एक प्रांतीय मुख्यमंत्री ने इस सच को उजागर किया है. इतना ही नहीं, उन्होंने 2018 के उस चर्चित इंटरव्यू का भी जिक्र किया, जिसमें एक पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने खुलकर माना था कि हुकूमत ने आतंक की यह खूनी फैक्ट्री खुद तैयार की थी. भारत ने दो-टूक कहा कि जब घर के मुखिया ही अपनी काली करतूतों की गवाही दे रहे हों, तो दुनिया की आंखों में धूल झोंकने की पाकिस्तान की चाल कभी कामयाब नहीं हो सकती.

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राकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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