INDIA गठबंधन प्रोटेस्ट लाइव अपडेट्स
सपा को लंच में शामिल होने का न्योता नहीं: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निमंत्रण पर बुधवार 7 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के दर्जनों सांसद पहुंचे, लेकिन अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का आरोप है कि उनके सांसदों को इसका न्यौता ही नहीं दिया गया था. इससे पहले 6 अक्टूबर के विरोध-प्रदर्शन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की अगुआई में पार्टी के कार्यकर्तााओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. सपा सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने लंच के लिए सपा सांसदों को न्योता नहीं दिया. कांग्रेस ने आज सागर रत्ना में INDIA गठबंधन के सांसदों के लिए लंच रखा था. सपा सूत्रों के मुताबिक, लंच के लिए सपा सांसदों को आमंत्रित नहीं किया गया.
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर विपक्षी एकता में फूट: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आज दिल्ली मुख्य चुनाव अधिकारी के दफ्तर पर हुए प्रदर्शन के AAP और कांग्रेस के बीच सियासी खींचतान दिखी. दरअसल इंडिया गठबंधन के आह्वान पर आज दिल्ली में CEO दफ्तर पर प्रोटेस्ट का ऐलान किया था. लेफ्ट के बुलावे पर AAP सीईओ दफ्तर सबसे पहले पहुंची. इसी दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता पीछे खड़े इंतजार करते रहे. लेफ्ट ने जब जब प्रोटेस्ट साइट की तरफ बढ़ना शुरू जिसके पीछे कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों को आता देख AAP के सौरभ भारद्वाज ने अपना प्रोटेस्ट समाप्त करने का ऐलान कर दिया. AAP प्रोटेस्ट साइट से निकल गई जिसके बाद लेफ्ट पहुंची और फिर कांग्रेस. फिर लेफ्ट और कांग्रेस का प्रदर्शन एक साथ चला.
दिल्ली के सागर रत्ना में INDIA ब्लॉक का लंच, सांसदों के लिए खास साउथ इंडियन थाली: दिल्ली के सागर रत्ना रेस्तरां में बुधवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों के लंच को लेकर तैयारियां की गईं. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, सभी सांसदों के लिए खास साउथ इंडियन थाली का इंतजाम किया गया है. इसकी वजह यह भी है कि लंच के मेजबान और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कर्नाटक से आते हैं. थाली में दक्षिण भारतीय व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला परोसी जाएगी. हालांकि, किसी सांसद को कोई खास व्यंजन चाहिए तो वह अलग से ऑर्डर कर सकता है. INDIA ब्लॉक के नेताओं के आगमन से पहले सागर रत्ना के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही. मौके पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच माहौल का जायजा लिया गया. सागर रत्ना जंतर-मंतर से करीब 500 मीटर और चुनाव आयोग के कार्यालय से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. विपक्षी सांसदों की बैठक और आगे की रणनीति को लेकर इस लंच को अहम माना जा रहा है. इस बीच बताया जा रहा है कि इंडिया ब्लॉक के सांसद बस से चुनाव आयोग के दफ्तर जा सकते हैं.
CEC के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर AAP-कांग्रेस में तकरार: दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच तकरार सामने आई है. दोनों दलों के दिल्ली प्रदेश अध्यक्षों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप-प्रत्यारोप हुए. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने AAP नेता सौरभ भारद्वाज पर निशाना साधते हुए पूछा कि CEC के खिलाफ 6 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में वह कहां थे. इसके जवाब में सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को टैग करते हुए देवेंद्र यादव के रुख पर आपत्ति जताई. भारद्वाज ने कहा कि आज CEO के यहां होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए वामपंथी दलों ने AAP को आमंत्रित किया है. उन्होंने दावा किया कि AAP और उसके छात्र संगठन ASAP ने 2, 3 और 4 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. इनमें 4 अक्टूबर को सुबह संसद मार्ग पुलिस स्टेशन और शाम को इंडिया गेट पर प्रदर्शन शामिल था. सौरभ भारद्वाज ने खरगे से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए कहा कि देवेंद्र यादव की प्रतिक्रिया अनजाने में BJP और CEC के खिलाफ विपक्ष की लड़ाई को कमजोर कर रही है. उन्होंने कहा कि AAP नेक इरादे से होने वाले सभी प्रदर्शनों का समर्थन करती है, चाहे वे किसानों, महिला पहलवानों, CJP या किसी अन्य मुद्दे से जुड़े हों.
CJP नेता सौरव दास पहुंचे संसद मार्ग थाना: CJP के प्रवक्ता सौरव दास बुधवार को कार्यकर्ताओं के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे. वह 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस को सूचना पत्र सौंपने पहुंचे हैं. इस दौरान कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए थाने पहुंचे और सौरव दास थाने के गेट पर नजर आए. सौरव दास ने कहा कि 10 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन होगा और इसके लिए दिल्ली पुलिस को सूचना दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सभी छात्र और युवा संगठन एकजुट हैं. उन्होंने कहा कि CJP 2.0 फिर शुरू होगा और प्रदर्शन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं. सौरव दास ने प्रदर्शन की अनुमति के संदर्भ में कहा कि ‘परमिशन’ शब्द गुलामी के समय इस्तेमाल किया जाता था. उन्होंने 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन के मौजूदा नियम में बदलाव किए जाने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि यदि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलती है तो पूरी दिल्ली जंतर-मंतर बन जाएगी. उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन का अधिकार संविधान से हटाया जाना चाहिए.
200 से 300 सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं: बताया जा रहा है कि INDIA ब्लॉक के 200 से 300 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात करना चाहता है. विपक्षी सांसदों की ओर से मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर भी चुनाव आयोग से जवाब मांगा जाएगा. इस बीच, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि वह CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की विपक्ष की राजनीतिक मांग पर टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का इस्तीफा देना या न देना उसका व्यक्तिगत फैसला है. हालांकि, रावत ने कहा कि 200 से 300 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलने जाता है तो आयोग को उनसे मुलाकात करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सांसदों से बाहर जाकर नहीं मिल सकता, लेकिन आयोग के पास पर्याप्त जगह है और वहां सभी सांसदों से मुलाकात की जा सकती है.
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त की संवाद करने की सलाह: 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोपों पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि चुनाव आयोग को तथ्यों के साथ स्पष्टीकरण देना चाहिए. उन्होंने कहा कि आयोग को सवाल उठाने वाले लोगों से संपर्क और संवाद करना चाहिए. उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग का प्रमुख काम तथ्यों के आधार पर उठाए गए सवालों का जवाब देना और संवाद कायम करना होना चाहिए.
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