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Karnataka Milk Price: कर्नाटक में आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ सकता है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में दूध की कीमत और बस किराए में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है. राज्य के 16 दुग्ध संघों ने दूध के दाम में 12 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग की है. वहीं, करीब दो साल से स्थिर बस किराए को भी बढ़ाने की तैयारी है. अगर कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो बस का बढ़ा हुआ किराया इसी महीने लागू हो सकता है.
कर्नाटक में दूध की कीमत में फिर इजाफा होने वाला है. (फाइल फोटो)
Karnataka Milk Price: दूध के दाम बढ़ने वाले हैं. जी हां, दूध की कीमत 8 से 10 रुपए तक बढ़ सकती है. आज इस पर सरकारी मुहर भी लग सकती है. जी हां, यह फैसला कर्नाटक में होने वाला है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अध्यक्षता में आज मंगलवार को कर्नाटक कैबिनेट की बैठक है. इस बैठख में दूध और बस किराए में बढ़ोतरी के प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है. पिछले गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक टाल दी गई थी. माना जा रहा है कि आज दूध बढ़ाए जाने की कीमत वाले प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है. यहां बताना जरूरी है कि कर्नाटक की सहकारी दुग्ध उत्पादक यूनियनों ने दूध के दाम बढ़ाए जाने की मांग की है.
दरअसल, कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के तहत आने वाले 16 सहकारी दुग्ध संघों ने दूध की कीमत में करीब 12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की है. दुग्ध संघों का कहना है कि पशु चारे की कीमत और किसानों से दूध खरीदने की लागत लगातार बढ़ रही है. संघों के अध्यक्षों ने राज्य सरकार से कीमत बढ़ाने की मंजूरी देने की अपील की है, ताकि डेयरी किसानों और दुग्ध संघों पर बढ़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम किया जा सके.
सहकारी दुग्ध उत्पादक यूनियनों ने राज्य सरकार से नंदिनी दूध की खरीद और खुदरा कीमतों में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का आग्रह किया है. उन्होंने इसके लिए लागत और उत्पादन खर्च में हो रही बढ़ोतरी का हवाला दिया है. इतना ही नहीं, आज की कैबिनेट की बैठक में बस किराए में संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की उम्मीद है. राज्य में करीब दो साल से बस किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इस दौरान डीजल समेत परिचालन लागत बढ़ने के कारण राज्य की चार परिवहन निगम लगातार घाटे में चल रहे हैं.
दुग्ध यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीते दिनों विधान सौध में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की और अपनी मांग रखी थी. शिवकुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे पिछले 10 वर्षों में पशु चारे की कीमतों में बढ़ोतरी, एक लीटर दूध के उत्पादन की लागत, हर जिले में उत्पादित और बेचे गए दूध की मात्रा और यूनियनों द्वारा खरीदे गए दूध की मात्रा के बारे में विस्तृत आंकड़े उपलब्ध कराएं. उन्होंने पड़ोसी राज्यों में दूध की खरीद और खुदरा कीमतों का विवरण भी मांगा था.
दूध के दाम बढ़ाने के पीछे की दलील
बेंगलुरु शहरी, ग्रामीण और रामनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक सोसायटी यूनियन लिमिटेड के चेयरमैन डी. के. सुरेश ने कहा कि पशु चारे, हरे चारे, दवाओं और रखरखाव की अन्य जरूरतों पर खर्च बढ़ने के कारण डेयरी फार्मिंग की लागत काफी बढ़ गई है. सुरेश ने कहा, ‘सूखे की मौजूदा स्थिति के कारण फसल के नुकसान से किसानों की आय में भारी गिरावट आई है और चारे की कम उपलब्धता के कारण डेयरी किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि कई राज्यों में सहकारी संगठन और निजी डेयरीलगातार दूध और दूध से बने उत्पादों की कीमतें बढ़ा रही हैं, जबकि कर्नाटक की यूनियनों ने उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पिछले डेढ़ साल से दूध की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. (इनपुट भाषा से भी)
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Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…
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