PM Krishi Sinchai Yojana: किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बोरिंग पर 40000 और स्प्रिंकलर पर 55% तक सब्सिडी मिल रही है. जहानाबाद में आवेदन शुरू हैं. बिहार कृषि ऐप से आवेदन कर किसान पानी बचा सकते हैं और सटीक खेती कर सकते हैं. जानें इस योजना का लाभ आप कैसे ले सकते हैं.
PM Krishi Sinchai Scheme Bihar: हमारे देश की आजीविका का प्रमुख स्त्रोत खेती-बाड़ी है. सदियों से कृषि कार्य से जुड़े लोगों को अन्नदाता कहा जाता रहा है. दौर जरूर बदल चुका है, लेकिन खेती कम नहीं हो पाई है. हां, पहले की अपेक्षा कृषि कार्य आधुनिक जरूर हो गया है. एक समय था, जब खेती से जुड़े सभी कार्य इंसान और जानवरों की मदद से हो रहा था. अब वही काम मशीनों के माध्यम से होने लगा है. इससे न सिर्फ कार्य आसान हुआ है, बल्कि बहुत सटीक कार्य हो रहा है. हालांकि, खेती में उपयोग होने वाली मशीनों की कीमत अधिक होती है. हर किसान सक्षम नहीं कि खेती से जुड़ी मशीनों की खरीदारी आसानी से कर लें और उससे खेती करें.
किसानों की इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए केंद्र और राज्य की सरकार ने कई योजनाएं चलाई है. जिसके तहत किसानों को कम से कम कीमत में सुविधा मुहैया हो. खेती को सटीकता के साथ किया जा सके. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है-प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना.
क्या है प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
यह योजना धरातल पर है. अभी इसके लिए आवेदन भी लिए किए जा रहे हैं. बिहार के जहानाबाद जिले में भी इस योजना का लाभ किसान प्राप्त कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया जारी है. अगर किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो बिहार कृषि ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. योजना का लाभ उठा सकते हैं.
स्प्रिंकलर और बोरिंग करवाने पर मिलेगी सब्सिडी
जहानाबाद जिला उद्यान पदाधिकारी रूबी कुमारी ने कहा कि यह योजना किसानों के लिए काफी फायदेमंद है. इस योजना के तहत ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर खेतों में लगाए जाते हैं तो सरकारी अनुदान दिया जाता है. 55 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. इसको सपोर्ट करने के लिए बोरिंग पंप सेट की योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो उसके लिए सरकारी अनुदान के रूप में 40000 रुपए एक मुश्त सहायता राशि दी जाती है. यह राशि बोरिंग करने के बाद दी जाती है.
इस प्रकार से कर सकते हैं आवेदन
उन्होंने आगे कहा कि योजना का लाभ लेने के जिले के कृषकों को अपने फोन में बिहार कृषि ऐप डाउनलोड करना होगा. उसके माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन के उपरांत चयनित लोगों को योजना का लाभ मिलेगा. ड्रिप स्प्रिंकलर हो या मिनी स्प्रिंकलर लगाने से पानी की बचत होती है. साथ ही जितनी फसल को जरूरत हो उतनी आपूर्ति की जाती है. ऐसे में न तो पानी की बर्बादी होगी और न फसल खराब होंगे. इसी कारण ही सरकार भी इस तरह की मशीनों को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित कर रही है. इस पर अनुदान की राशि भी दी जा रही है.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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