Purnia Street Food: पूर्णिया में पप्पू कुमार साइकिल पर दिल्ली की मशहूर कचौड़ी बेचते हैं. ₹20 में मिलने वाली यह कचौड़ी घर पर तैयार की जाती है. कोरोना काल के बाद से इसकी काफी मांग है. लोग इसे दिल्ली जैसा स्वाद बताते हैं.
4 साल से लोगों को चखा रहे हैं स्वाद
पूर्णिया के पप्पू कुमार पिछले करीब चार साल से साइकिल पर घूम-घूमकर लोगों को दिल्ली की मशहूर कचौड़ी का स्वाद खिला रहे हैं. वह घर पर ही कचौड़ी और उसके साथ परोसे जाने वाले छोले को तैयार करते हैं. इसके बाद शहर के अलग-अलग इलाकों में साइकिल पर अपनी दुकान लगाते हैं. पप्पू कुमार के मुताबिक वह पूर्णिया में गिरजा चौक, बस स्टैंड, कचहरी, रिंस चौक, जेल चौक, नगर निगम पार्क और महिला कॉलेज रोड समेत कई जगहों पर अपनी दुकान लगाते हैं. इन जगहों पर उन्हें ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है. रोजाना अच्छी बिक्री हो जाती है.
कोरोना के बाद शुरू किया साइकिल पर कचौड़ी बेचने का काम
पप्पू कुमार बताते हैं कि इससे पहले वह दिल्ली में कचौड़ी की दुकान चलाते थे. कोरोना महामारी के दौरान उन्हें दिल्ली छोड़कर अपने घर पूर्णिया लौटना पड़ा. वापस आने के बाद कुछ समय तक वह बेरोजगार रहे और उनके पास कोई काम नहीं था. इसके बाद उन्होंने अपने पुराने हुनर को ही रोजगार का जरिया बनाने का फैसला किया. उन्होंने साइकिल पर कचौड़ी बेचने की शुरुआत की और लोगों को दिल्ली में मिलने वाली कचौड़ी का स्वाद पूर्णिया में ही उपलब्ध कराने लगे. धीरे-धीरे उनकी कचौड़ी की मांग बढ़ती गई और अब वह शहर में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं.
12 मसालों से तैयार होते हैं छोले
पप्पू कुमार के मुताबिक उनकी कचौड़ी को खास बनाने में उसके साथ परोसे जाने वाले छोले और मसालों की बड़ी भूमिका है. कचौड़ी को खस्ता और स्वादिष्ट बनाने के साथ छोले में करीब 12 तरह के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा इमली का रस, मीठी सॉस, दही और अन्य मसालों के साथ इसे ग्राहकों को परोसा जाता है. सबसे खास बात यह है कि ग्राहकों को महज 20 रुपये में दिल्ली वाली कचौड़ी का स्वाद मिल जाता है. पप्पू कुमार का दावा है कि वह रोजाना 300 से अधिक प्लेट कचौड़ी बेच लेते हैं. इससे उनकी अच्छी-खासी आमदनी हो जाती है.
रोजाना कचौड़ी खाने पहुंचते हैं ग्राहक
कचौड़ी खाने पहुंचे चंदन ठाकुर, सुमित कुमार, प्रताप कुमार, मोसोबीर समेत अन्य ग्राहकों ने बताया कि पप्पू कुमार की कचौड़ी का स्वाद उन्हें काफी पसंद है. उनका कहना है कि कचौड़ी का स्वाद अलग होने की वजह से वे कई बार यहां आते हैं. ग्राहकों के मुताबिक साइकिल पर लगने वाली यह छोटी-सी दुकान अब आसपास के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गई है. खासकर महिला कॉलेज रोड पर छात्रों और स्थानीय लोगों की भीड़ अक्सर देखने को मिलती है.
About the Author
अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


