संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
जिले में शुक्रवार को मौसम ने करवट ली। आसमान में दिनभर बादल छाए रहने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, मौसम में आए इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कई किसानों की फसलें अभी खड़ी हैं, वहीं मंडियों में भी काफी मात्रा में फसल खुले में रखी हुई है। ऐसे में यदि तेज बारिश होती है तो खेतों से लेकर मंडियों तक फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञ मदन खीचड़ के अनुसार अगले दो दिनों में जिले और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के चलते किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। खेतों में खड़ी फसल के बारिश की चपेट में आने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। वहीं, मंडियों में खुले में रखी फसल भी बारिश के पानी से भीग सकती है। इससे धान खराब होने और किसानों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।
खेतों से मंडियों तक फसल की सुरक्षा की चिंता
किसानों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव से उनकी चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी फसल को बारिश से बचाना आसान नहीं है। वहीं, मंडियों में खुले में रखी फसल को भी सुरक्षित रखने की चुनौती है। यदि तेज बारिश होती है तो फसल को बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करना मुश्किल हो सकता है। किसानों को आशंका है कि बारिश से उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
किसानों से बातचीत
बारिश होने पर खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने का डर है। महीनों की मेहनत के बाद फसल तैयार हुई है। तेज बारिश से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मंडी में खुले में रखी फसल को लेकर चिंता बनी हुई है। बारिश होने पर अनाज भीग सकता है और उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा है।
आसमान में बादल छाने से मौसम सुहावना हुआ है, लेकिन किसानों की परेशानी बढ़ गई है। तेज बारिश हुई तो फसल को बचाना मुश्किल हो सकता है।
किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों और मंडियों दोनों जगह फसल प्रभावित हो सकती है। ऐसे में उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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