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  • अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने ट्रेड शो में उत्पादों, हस्तशिल्प एवं औद्योगिक प्रदर्शनियों के स्टॉलों का किया अवलोकन, ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ पोर्टल का शुभारंभ

-यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन रहा

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, व्यावसायिक एवं निर्यात क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एवं मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे संस्करण का शुक्रवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहे। अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, उत्पादन, व्यापार और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। ट्रेड शो के चौथे संस्करण में देश-विदेश से आए खरीदारों, उद्यमियों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों की भागीदारी से निवेश, उत्पादन, बिक्री और निर्यात को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि 25 सितंबर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के साथ मेक इन इंडिया अभियान की वर्षगांठ का भी दिन है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के माहौल में बड़ा परिवर्तन आया है। कानून-व्यवस्था, अनुकूल औद्योगिक नीतियां, प्रो-एक्टिव सरकार और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान से प्रदेश देश-दुनिया के निवेशकों के लिए प्रमुख गंतव्य बन रहा है। वर्ष 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से अधिक लोगों की भागीदारी और 2,400 से अधिक एमओयू तथा निवेश एवं व्यापारिक समझौतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान संस्करण पिछले रिकॉर्ड को भी पार करने की क्षमता रखता है।

अमित शाह ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 2015 की तुलना में लगभग 11 गुना वृद्धि हुई है। भारत ने मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रिया, ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ सहित विभिन्न देशों एवं क्षेत्रों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से भारतीय उद्यमियों के लिए नए निर्यात बाजारों की संभावनाएं बढ़ाई हैं। रक्षा उत्पादन और डिफेंस कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन का प्रमुख उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर सहित छह नोड्स वाले उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा उत्पादन के लिए निवेश बढ़ रहा है। भारत का रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा। रक्षा निर्यात में 2013-14 की तुलना में 56 गुना से अधिक वृद्धि हुई है और भारतीय रक्षा उत्पाद 80 से अधिक देशों को निर्यात किए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस तथा अमेठी में एके-203 असॉल्ट राइफल जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नोएडा एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश का आधार बताया गया। उत्तर प्रदेश के सात शहरों में मेट्रो संचालन का भी उल्लेख किया गया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना की भूमिका पर अमित शाह ने भदोही की दरी, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की काष्ठकला, कन्नौज का इत्र और वाराणसी की साड़ी जैसे उत्पादों का उल्लेख किया। वाराणसी के मलइयों, तिरंगा बर्फी, आगरा के पेठे, मथुरा के पेड़े और मेरठ की गजक जैसे स्थानीय उत्पादों को भी बड़े बाजार से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमित शाह, जापान, सिंगापुर, बेलारूस, रूस, वियतनाम और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों तथा दुनिया के 90 देशों से आए 600 से अधिक विदेशी खरीदारों और एग्जिबिटर्स का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले चार वर्षों से यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश में निर्मित उत्पादों, पारंपरिक उद्यमों, कारीगरों, युवाओं के इनोवेशन और एमएसएमई सेक्टर को वैश्विक मंच उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि चौथे संस्करण में 36 हजार वर्ग मीटर के एक्सपो सेंटर में 2,400 से अधिक एग्जिबिटर्स भाग ले रहे हैं और लगभग 1.5 लाख बी2बी विजिटर्स के शामिल होने की संभावना है। वर्ष 2025 में 72 देशों के 500 से अधिक खरीदार ट्रेड शो का हिस्सा बने थे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को ब्रांड और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराया गया है।

उत्तर प्रदेश आज दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है और प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन तथा हुनर और मार्केट की संयुक्त शक्ति को एक मंच पर ला रहा है। जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस के विशेष पवेलियन रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से कनेक्टिविटी को आर्थिक अवसर और विकास का आधार बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त है, जबकि 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद का पीतल, कन्नौज का इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियां बड़े कारोबार वाले ब्रांड के रूप में पहचान बना रहे हैं। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से कारीगरों को स्किल, टूलकिट, क्रेडिट, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त मंच बन चुका है। आयोजन में रक्षा, कृषि, उद्योग, ई-कॉमर्स, आईटी, शिक्षा, चिकित्सा, बैंकिंग, डेयरी, हैंडलूम, टेक्सटाइल और जीआई उत्पादों समेत विभिन्न क्षेत्रों के 2,400 से अधिक स्टॉल हैं। ई-कॉमर्स, एआई, सेमीकंडक्टर, फार्मा और वित्त आदि पर नॉलेज सेशन तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें भी हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पांच लाख से अधिक फुटफॉल और 90 से ज्यादा देशों के 600 से अधिक खरीदारों की भागीदारी संभावित है। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयां हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। इनमें तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और प्लेज पार्क योजना के माध्यम से उद्यमियों को ऋण, प्रशिक्षण, विपणन और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत अब तक छह लाख से अधिक कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को लाभ मिला है। इस बार 14 नई ट्रेड जोड़कर कुल 25 ट्रेडों में प्रशिक्षण और उन्नत टूल किट की व्यवस्था की गई है। स्वरोजगार के लिए बिना गारंटी और बिना ब्याज ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने ट्रेड शो में लगाए गए विभिन्न उत्पादों, हस्तशिल्प एवं औद्योगिक प्रदर्शनियों से संबंधित स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित उत्पादों, एमएसएमई इकाइयों तथा विभिन्न जनपदों की विशिष्ट औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने उनके चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एमएसएमई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राज्य मंत्री बृजेश सिंह, राज्य मंत्री हंस राज विश्वकर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, सांसद गौतमबुद्धनगर डॉ. महेश शर्मा, जिला पंचायत प्रशासक अमित चौधरी, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र सिंह भाटी, दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर, जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।

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