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कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमेन (एलएसआर) और उसके आसपास छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आस्था कुंज पार्क के अंदर एक पीसीआर वैन और पार्क के गेट के पास महिला पीसीआर वैन तैनात की गई है। इसके अलावा कॉलेज के बाहर स्थित पुलिस बूथ पर भी 24 घंटे एक पुलिसकर्मी तैनात रहेगा। 

 घटना के बाद सुरक्षा को लेकर छात्राओं में बढ़ी चिंता को देखते हुए एलएसआर प्रशासन ने बुधवार को एहतियातन ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित कीं। इससे पहले मंगलवार को नियमित कक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं और स्टाफ को पिछले गेट की ओर जाने से बचने की सलाह भी दी थी। कॉलेज ने बृहस्पतिवार से नियमित ऑफलाइन कक्षाएं फिर शुरू करने का फैसला किया है।

कॉलेज प्रिंसिपल कनिका आहूजा के अनुसार, छात्रों और फैकल्टी के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। इनमें सुरक्षा व्यवस्था और छात्राओं की चिंताओं पर चर्चा हो रही है। जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए फैकल्टी मेंटर्स और काउंसलर की मदद की व्यवस्था भी की गई है। घटना के बाद पुलिस ने कॉलेज से करीब तीन किलोमीटर दूर आरोपियों का एनकाउंटर किया था। इसके बाद छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।

दक्षिणी जिले की एसीपी ने छात्राओं से की सुरक्षा पर बातचीत

दक्षिणी जिले, सीआर पार्क की एसीपी श्रीमती कीर्ति यादव (आईपीएस) ने जीके-1 में स्थित पीजी का दौरा किया और एलएसआर कॉलेज सहित 100 से अधिक छात्राओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा, पुलिस की पहुंच, उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था और जरूरत के समय त्वरित सहायता की जानकारी दी, साथ ही उन्हें सुरक्षा संबंधी चिंताओं के लिए पुलिस से बेझिझक संपर्क करने को प्रोत्साहित किया।

पूर्वी जिले में शिष्टाचार दस्ते की गश्त, महिलाओं को सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

 डीसीपी पूर्वी जिला राजीव कुमार की देखरेख में पूर्वी जिले के शिष्टाचार दस्ते ने वी3एस मॉल के आसपास पैदल गश्त की। दस्ते ने लड़कियों और महिलाओं से बातचीत कर उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहने के प्रति जागरूक किया। उन्हें बिना डर के अनुचित व्यवहार की तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया।

छात्रों और शिक्षकों से संपर्क में प्रशासन

घटना के बाद कॉलेज परिसर और आसपास के इलाके की सुरक्षा को लेकर छात्राओं में चिंता बढ़ी है। इसे देखते हुए प्रशासन छात्रों और शिक्षकों के लगातार संपर्क में है। जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए फैकल्टी मेंटर्स और काउंसलर की मदद की व्यवस्था भी की गई है। छात्राओं को किसी तरह की परेशानी होने पर कॉलेज प्रशासन को सूचित करने की सलाह दी गई है।

लाइटिंग व सीसीटीवी पर जोर

कॉलेज प्रबंधन ने परिसर के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। पुलिस के अनुसार, इस संबंध में संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है और जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। 

कॉलेज के पिछले गेट से अंधेरे में असुरक्षा दे रही दस्तक

लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन (एलएसआर) के आसपास छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। कॉलेज की छात्राओं ने बैक गेट के आसपास अंधेरा, कमजोर सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं का पीछा किए जाने की घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। 

 उनका कहना है कि बैक गेट से होकर गुजरने वाला रास्ता शाम के बाद असुरक्षित महसूस होता है। छात्राओं ने कॉलेज से आसपास के पीजी तक आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। बैक गेट के पास करीब 10-11 महीने पहले बनाए गए दिल्ली पुलिस के पिंक बूथ को लेकर भी छात्राओं ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हाल के दिनों में बूथ पर अक्सर पुलिसकर्मी मौजूद नहीं दिखाई देते।

आइसा, दिल्ली विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष साव्य ने कहा, मैं देख रहा हूं कि झामुही से लेकर एलएसआर तक पूरे भारत में महिलाएं और नाबालिग लड़कियां हमलों का शिकार हो रही हैं। मैं नैतिक पुलिसिंग और बलात्कार संस्कृति के अंत की मांग करता हूं। मैं सरकार से मामले का संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करता हूं। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्र मोहित ने कहा, मैं मानता हूं कि दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद महिला सुरक्षा के मामले में दिल्ली आज भी असुरक्षित है। 

छात्र अनिकेत ने कहा, मैं देख रहा हूं कि दिल्ली में एक दिन में दुष्कर्म की दो घटनाएं हो रही हैं, जिससे छात्राओं में डर का माहौल है। मेरा मानना है कि डर और शर्म के कारण कई मामले दर्ज नहीं हो पाते।

सुरक्षा के लिए कड़े कानून और नियम बनाने चाहिए

छात्रा छवि सुरक्षा के सवाल पर कहती हैं,  मैं मानती हूं कि देश की राजधानी लड़कियों के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। मैं रोजाना दुष्कर्म की घटनाओं के बारे में सुनती हूं और अब बाहर निकलने में भी डर लगता है। मैंने कई बार देखा है कि ई-रिक्शा चालक लड़कियों को आगे की सीट पर बैठने के लिए मजबूर करते हैं और छेड़छाड़ की घटनाएं भी होती हैं। मेरा मानना है कि कॉलेजों में ऑनलाइन कक्षाएं कर देने से लड़कियां सुरक्षित नहीं होंगी।

सुरक्षा के लिए पुलिस की ‘ब्रोकन विंडोज’ पहल

दिल्ली पुलिस की सेंट्रल रेंज ने सार्वजनिक जगहों और महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने के लिए ‘ब्रोकन विंडोज’ पहल शुरू की है। इसके तहत पार्क, सबवे, फुट-ओवर ब्रिज, फ्लाईओवर और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ संयुक्त तलाशी और इलाके में निगरानी अभियान तेज किए जा रहे हैं। 

सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि 22 और 23 सितंबर को चलाए गए संयुक्त तलाशी एवं छानबीन अभियान (कासो) में चिन्हित सार्वजनिक स्थानों को कवर किया गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 379 लोगों को पकड़ा गया। इसके अलावा दिल्ली एक्साइज एक्ट, कोप्टा, गैंबलिंग एक्ट, बीएनएसएस और पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने 33 ‘बैड कैरेक्टर’ की भी जांच की।

वर्मा ने बताया कि दरियागंज में पांच पार्कों की जांच के दौरान धारा 65 के तहत 66 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं, जामा मस्जिद इलाके में कई पार्कों और सार्वजनिक स्थानों की जांच के बाद 45 लोगों पर इसी धारा के तहत कार्रवाई की गई। ‘ब्रोकन विंडोज’ पहल केवल संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। पुलिस टीमें सार्वजनिक स्थानों का सुरक्षा ऑडिट कर उन कमियों की पहचान कर रही हैं, जो अपराध या असुरक्षा का कारण बन सकती हैं। दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय ने नॉर्थ कैंपस में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और महिला पुलिसकर्मियों की गश्त को स्वागतयोग्य कदम बताया।

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