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किसी घटना के खत्म हो जाने के बाद भी महिलाओं के मन से उसका डर आसानी से नहीं जाता। साइबर सिटी गुरुग्राम में सड़क हादसे की पीड़िता महिला बाइक राइडर शिवानी चौहान उर्फ सिया ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अब कार में बैठकर चलते समय भी यह आशंका रहती है कि कहीं कोई दूसरा वाहन टक्कर न मार दे। उनके मुताबिक, घटना के बाद सामान्य परिस्थितियों में लौटना भी आसान नहीं होता।

हर कदम पर सतर्कता

सिया के अनुसार, महिलाओं को घर से बाहर निकलते समय लगातार सतर्क रहना पड़ता है। उन्हें इस बात का ध्यान रखना होता है कि कोई गलत तरीके से छू न दे, कोई गलत नजर से न देखे या कोई उनका पीछा न करने लगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की आशंकाएं महिलाओं के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन जाती हैं और घटना के बाद मानसिक दबाव लंबे समय तक बना रह सकता है।




Gurugram hit and run case Shivani Chauhan alias Siya says she now feels scared even in the car

पीड़ित शिवानी उर्फ सिया
– फोटो : ani


वीडियो से सामने आया मामला

सिया ने कहा कि महिलाओं की परेशानी को अक्सर तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाता, जब तक घटना का कोई वीडियो सामने न आ जाए। उन्होंने बताया कि उनके पास कैमरा था, इसलिए घटना रिकॉर्ड हो सकी और लोगों तक पहुंची। उनका मानना है कि यदि वीडियो वायरल नहीं होता, तो संभव है कि मामला उतनी गंभीरता से सामने नहीं आता।

 


Gurugram hit and run case Shivani Chauhan alias Siya says she now feels scared even in the car

पीड़ित शिवानी उर्फ सिया
– फोटो : अमर उजाला


सख्त कार्रवाई की जरूरत

सिया ने कहा कि पुलिस को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनके मुताबिक, आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने के बाद कुछ ही दिनों में जमानत मिल जाने से उनके मन में कानून का डर कम हो सकता है।


Gurugram hit and run case Shivani Chauhan alias Siya says she now feels scared even in the car

आरोपी कल्याण बैंसला
– फोटो : सोशल मीडिया


यह सिया का अनुभव और मत है। किसी मामले में गिरफ्तारी, आरोप, जमानत और आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित केस के तथ्यों और न्यायिक आदेशों पर निर्भर करती है। फिर भी, सिया की बात इस सवाल को सामने रखती है कि महिलाओं को परेशान करने, पीछा करने और सार्वजनिक जगहों पर डर का माहौल बनाने वाली घटनाओं पर पुलिस की प्रतिक्रिया कितनी तेज और प्रभावी होनी चाहिए।

 


Gurugram hit and run case Shivani Chauhan alias Siya says she now feels scared even in the car

सड़क पर घिसटती बाइक राइडर शिवानी उर्फ सिया
– फोटो : वीडियो ग्रैब


सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं पर क्यों

सिया ने कहा कि महिलाओं को सतर्क रहने, आपातकालीन नंबर याद रखने और आत्मरक्षा सीखने की सलाह दी जाती है। ये उपाय उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इससे सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं पर नहीं डाली जा सकती। सार्वजनिक स्थानों पर सम्मानजनक व्यवहार करना, किसी का पीछा न करना, बिना अनुमति करीब न जाना और असहज स्थिति में किसी की मदद करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

 


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