नाबालक साहू की हवेली आज भी मिर्जापुर जिले के बसनही बाजार में मौजूद है. शहर के ऐतिहासिक और प्राचीन गंगा घाट पक्का घाट का भी निर्माण नाबालक साहू के द्वारा ही कराया गया था, इसके साथ ही कोतवाली का भी निर्माण पुराने समय में उनके द्वारा ही राजवाड़े की सुरक्षा को लेकर कराया गया था.
नाबालक साहू की हवेली आज भी मिर्जापुर जिले के बसनही बाजार में मौजूद है. शहर के ऐतिहासिक और प्राचीन गंगा घाट पक्का घाट का भी निर्माण नाबालक साहू के द्वारा ही कराया गया था, इसके साथ ही कोतवाली का भी निर्माण पुराने समय में उनके द्वारा ही राजवाड़े की सुरक्षा को लेकर कराया गया था. नाबालक साहू उसे समय के सबसे बड़े रईस हुआ करते थे. उनकी रियासतें चला करती थी. आज भी उनके अस्तबल यानी तबला के नाम से मोहल्ले का नाम पड़ा हुआ है, उसे नाबालक का तबला के नाम से आज भी जाना जाता है.
प्रसिद्ध कारोबारी थे नाबलक साहू
शिवकुमार मुंडड़ा ने लोकल 18 से बताया कि मिर्ज़ापुर शहर में एक नाबालक साहू का कोठी थी, बेहद ही फेमस थी. जब लोगों को घर नहीं हुआ करता था, तब नाबालक साव की कोठी हुआ करती थी. कोठी में ही नाबालक साहू का अस्तबल हुआ करता था, जिसमें कई घोड़े रहते थे. बग्गियां रहती थी. अस्तबल को तबेला कहा जाता था, जो जगह आज भी इसी नाम से जाना जाता है. आज भी नाबलक साहू की हवेली मौजूद है आज भी प्राचीन इमारत उसी शान के साथ खड़ी हुई है, जिसमें काफी अच्छे अंदर नक्काशीदार इनके पूरे बंगले की तरह बना हुआ है. इस समय खंडहर के रूप में स्थिति इसकी हो गई है, लेकिन सुंदरता कम नहीं हुआ.
राजवाड़े की करते थे सुरक्षा
शिवकुमार मुंडड़ा ने बताया कि क्षेत्र में जो कोतवाली का क्षेत्र था. शहर कोतवाली भी काफी प्राचीन थी. आज उसका नवनिर्माण हो गया है. एक समय में वहाँ पर राजाओं का बोलबाला था. यह क्षेत्र रजवाड़ों का था और चारों तरफ कोतवाली की जो बालकनी बनी हुई है. उस बालकनियों से पूरे उसकी निगरानी होती थी और मुख्य रूप से यह हमारा व्यवसायिक केंद्र रहा. मिर्जापुर में पुराने समय के प्रसिद्ध व्यवसाईयों में नाबालक साहू हुआ करते थे. उनकी रियासत बड़ी थी. त्रिमुहानी का पूरा क्षेत्र उन्हीं के अधीन आया करता था. यही वजह है कि इस पूरे क्षेत्र को उन्हीं के नाम से जाना जाता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…
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