बंदर के चैंबर में पहुंचते ही महेश यादव को उसके आने का अंदाजा हो जाता है। कभी वह मेज पर आकर बैठकर रोटी का इंतजार करता है तो कभी उनकी जेब तक पहुंचकर रोटी निकालने की कोशिश करता है। महेश यादव उसे डांटने के बजाय प्यार से रोटी देते हैं।
वकील और बंदर की अनोखी दोस्ती
– फोटो : अमर उजाला
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