- दीपोत्सव के साथ शहर में चला विशेष स्वच्छता अभियान, रंग-बिरंगी रोशनी से सजे प्रमुख स्थल
- 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे सेवा और जनजागरूकता के 13 विशेष कार्यक्रम
गाजियाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर नगर निगम की ओर से सेवा संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देशन में गुरुवार को शहर के 70 प्रमुख स्थानों पर एक साथ 51 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। दीपों की रोशनी से शहर के प्रमुख स्थल जगमगा उठे और कई स्थानों पर दीपावली जैसा माहौल दिखाई दिया। नगर निगम अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पार्षदों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही शहरवासियों को सेवा, स्वच्छता और जनजागरूकता का संदेश दिया गया। नगर निगम की ओर से कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए पहले से ही तैयारियां की गई थीं। प्रमुख स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने के साथ ही रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट की गई।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत केवल आयोजन ही नहीं, बल्कि शहर में स्वच्छता और जनजागरूकता को भी प्रमुखता दी जा रही है। अभियान के अंतर्गत नगर निगम के विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रमुख स्थानों पर नियमित सफाई के साथ नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के सहयोग से 13 विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह सेवा, स्वच्छता और जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नगर आयुक्त ने कहा कि अभियान का उद्देश्य शहर में स्वच्छता की लहर को आगे बढ़ाना और जन-जन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। इसके लिए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
70 स्थानों पर एक साथ जले 51 हजार दीप
नगर निगम की ओर से शहर के 70 प्रमुख स्थानों को दीपोत्सव के लिए चिह्नित किया गया था। इन सभी स्थानों पर एक साथ दीप जलाए गए। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में उत्सव जैसा माहौल बन गया। कार्यक्रम में निगम अधिकारियों और पार्षदों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी भी शामिल हुए। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने दीपोत्सव से पहले प्रमुख स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। वहीं उद्यान, प्रकाश और निर्माण विभाग ने भी कार्यक्रम की तैयारियों में अपनी भूमिका निभाई। प्रमुख स्थानों पर साफ-सफाई के साथ सजावट और प्रकाश व्यवस्था को बेहतर किया गया। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि ‘सेवा दिवस-आशीर्वाद का दियाÓ शहरवासियों को दीपावली जैसा सुखद अनुभव दे रहा है। उन्होंने शहरवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपों का यह उत्सव सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला है। उन्होंने शहरवासियों से सेवा संकल्प अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।
रोशनी और सफाई से बदला शहर का नजारा
दीपोत्सव के लिए चिह्नित सभी स्थानों पर विशेष सफाई व्यवस्था के साथ आकर्षक सजावट की गई। रंग-बिरंगी रोशनी से प्रमुख स्थल रोशन किए गए। शाम होते ही जब 70 स्थानों पर एक साथ 51 हजार दीप जले तो शहर का नजारा बदल गया। लोगों ने दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अभियान में स्वच्छता, जनजागरूकता और सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। नगर निगम का प्रयास है कि अभियान केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका प्रभाव शहर की सफाई व्यवस्था और नागरिकों की भागीदारी में भी दिखाई दे। महापौर और नगर आयुक्त के निर्देशन में आयोजित दीपोत्सव ने सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत को खास बना दिया। 70 स्थानों पर एक साथ 51 हजार दीपों के प्रज्ज्वलन ने जहां शहर को रोशनी से भर दिया, वहीं अभियान के अगले एक महीने के लिए सेवा और स्वच्छता का संदेश भी दिया।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||




