अयोध्या: त्रेतायुगीन वैभव, अटूट आस्था और स्थापत्य कला का जीवंत प्रतीक है अयोध्या का ऐतिहासिक राजद्वार मंदिर. भगवान श्रीराम के प्राचीन राजदरबार और राजमहल के मुख्य द्वार से जुड़े इस पावन धाम की गगनचुंबी संरचना और धार्मिक महत्व श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.
एक ही परिसर में प्रमुख देवी-देवताओं के दर्शन
मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं. इसके साथ ही भगवान शिव, भगवान विष्णु, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान गणेश की प्रतिमाएं भी यहां विराजमान हैं. यही वजह है कि राजद्वार मंदिर में श्रद्धालुओं को एक ही परिसर में कई देवी-देवताओं के दर्शन का अवसर मिलता है.
रामायण परंपरा और रामकोट से जुड़ाव
महंत शशिकांत दास बताते हैं कि राजद्वार का उल्लेख वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस की परंपरा से भी जोड़ा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार त्रेतायुग में राजद्वार मंदिर से लेकर श्रीरामजन्मभूमि तक का क्षेत्र चक्रवर्ती राजा दशरथ और भगवान श्रीराम के राजमहल का हिस्सा था. वर्तमान समय में यही क्षेत्र रामकोट के नाम से जाना जाता है. रामकोट क्षेत्र में प्रवेश करते ही राजद्वार मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल और श्रीरामजन्मभूमि जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं. इस लिहाज से राजद्वार मंदिर को रामकोट क्षेत्र के महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदुओं में भी माना जाता है.
भव्य स्थापत्य, स्वर्ण कलश और चैत्र रामनवमी महोत्सव
राजद्वार मंदिर की एक खास पहचान इसका ऊंचा शिखर और स्वर्ण कलश है. अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में इसकी स्थापत्य शैली श्रद्धालुओं और पर्यटकों का ध्यान खींचती है. मंदिर परिसर में पहुंचकर श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ अयोध्या की प्राचीन स्थापत्य परंपरा की झलक भी देखने को मिलती है. राजद्वार मंदिर का मुख्य महोत्सव चैत्र रामनवमी के अवसर पर मनाया जाता है.
इस दौरान भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को लेकर विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर का प्रबंधन प्रताप धर्मसेतु ट्रस्ट, राजसदन, अयोध्या द्वारा किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक परंपराओं और भव्य वास्तुकला के कारण राजद्वार मंदिर आज भी अयोध्या की पहचान से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
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