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नई दिल्ली. वनडे क्रिकेट में अक्सर मुकाबला बल्लेबाजों का माना जाता है, जहां हर गेंद पर बाउंड्री तलाशने की होड़ मची होती है. पावरप्ले के नियम, छोटे मैदान और भारी बल्ले गेंदबाजों के लिए रन रोकना चुनौतीपूर्ण बना देते हैं. ऐसे माहौल में अगर कोई गेंदबाज किफायती गेंदबाजी करते हुए ‘मेडन ओवर’ निकाल ले, तो वह विपक्षी टीम के पूरे बल्लेबाजी तंत्र को दबाव में डाल देता है. अमूमन मेडन ओवर फेंकने का जिम्मा तेज गेंदबाजों का माना जाता है, जो नई गेंद की स्विंग और सीम का फायदा उठाते हैं. लेकिन दुनिया के कुछ ऐसे महान स्पिनर भी हुए हैं, जिन्होंने अपनी सधी हुई लाइन-लेंथ, खतरनाक टर्न और मानसिक सूझबूझ से बल्लेबाजों को एक-एक रन के लिए तरसा दिया.वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा मेडन ओवर फेंकने वाले दुनिया के 7 स्पिन गेंदबाजों के बारे में जानते हैं.

श्रीलंका के रहस्यमयी स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muthiah Muralidaran) केवल वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज ही नहीं हैं, बल्कि मेडन ओवर फेंकने के मामले में भी सभी स्पिनरों से कोसों आगे हैं. अपने 18 साल के वनडे करियर (1993-2011) में मुरलीधरन ने 350 मैच खेले. इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड 198 मेडन ओवर डाले. उनकी दूसरा और ऑफ-ब्रेक गेंदों को पढ़ पाना बल्लेबाजों के लिए लोहे के चने चबाने जैसा था. 534 वनडे विकेट हासिल करने वाले मुरलीधरन का इकॉनमी रेट महज 3.93 का रहा, जो यह साबित करता है कि बल्लेबाज उनके सामने रन बनाने के बजाय अपनी विकेट बचाने में ही भलाई समझते थे.

वनडे में सबसे ज्यादा मेडन ओवर फेंकने वाले सात स्पिन गेंदबाजों की लिस्ट.

लेग स्पिन के जादूगर शेन वॉर्न
ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर स्वर्गीय शेन वॉर्न (Shane Warne) ने अपनी जादुई गेंदों से पूरी दुनिया के बल्लेबाजों को नचाया. 1993 से 2005 के बीच 194 वनडे खेलने वाले वॉर्न के नाम 110 मेडन ओवर दर्ज हैं. वॉर्न की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह अपनी फ्लाइट और तीखे टर्न से बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देते थे. उन्होंने अपने वनडे करियर में 293 विकेट झटके. मध्य ओवरों में आकर रन गति पर ब्रेक लगाना और साथ ही मेडन ओवर निकालकर दबाव बनाना वॉर्न की महारत थी.

भारतीय जज्बे और अनुशासन की मिसाल अनिल कुंबले
भारत के दिग्गज लेग स्पिनर अनिल कुंबले (Anil Kumble) अपनी सटीक लाइन-लेंथ और तेज गति वाली स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे. कुंबले हवा में गेंद को ज्यादा फ्लाइट देने के बजाय क्रीज का इस्तेमाल करके उछाल और टर्न हासिल करते थे. 1990 से 2007 के दौरान 271 वनडे मैचों में कुंबले ने 109 मेडन ओवर फेंके. 337 वनडे विकेट चटकाने वाले कुंबले भारत की तरफ से वनडे में सबसे ज्यादा मेडन ओवर डालने वाले स्पिनर हैं. उनकी गेंद पर रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान काम नहीं था.

मॉडर्न दौर के सबसे किफायती ऑलराउंडर शाकिब अल हसन
बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) ने इस सूची में अपनी जगह बनाकर यह साबित किया है कि वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे निरंतर खिलाड़ियों में से एक हैं. 2006 से 2023 तक 247 वनडे खेल चुके शाकिब ने 101 मेडन ओवर अपने नाम किए हैं. बाएं हाथ की ऑर्थोडॉक्स स्पिन फेंकने वाले शाकिब की ताकत उनकी सटीक लेंथ है. वह पावरप्ले हो या मध्य ओवर, बल्लेबाजों को बांधकर रखते हैं और यही वजह है कि उन्होंने 317 विकेट लेने के साथ-साथ एक सैकड़ा मेडन ओवर पूरे किए हैं.

फ्लाइट और ड्रिफ्ट के उस्ताद डेनियल विटोरी
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और बाएं हाथ के स्पिनर डेनियल विटोरी (Daniel Vettori) अपनी चतुर गेंदबाजी के लिए फेमस थे. चश्मा पहनकर बेहद शांत अंदाज में गेंदबाजी करने वाले विटोरी गेंद की गति में शानदार बदलाव करते थे. 1997 से 2015 के बीच 295 वनडे मैचों में विटोरी ने 99 मेडन ओवर फेंके. वह बिल्कुल शतक बनाने से केवल एक मेडन ओवर दूर रह गए. 305 विकेट लेने वाले विटोरी का इकॉनमी रेट 4.12 का रहा, जिससे साफ जाहिर होता है कि विपक्षी टीमें उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने रन जुटाने में पसीने छूट जाती थीं.

टर्बनेटर हरभजन सिंह का दबदबा
‘टर्बनेटर’ के नाम से मशहूर भारत के ऑफ-स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक मुकाबले जिताए. अपनी दूसरा गेंद और आक्रामक रवैये के लिए जाने जाने वाले हरभजन ने 1998 से 2015 के बीच 236 वनडे मैचों में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने 83 मेडन ओवर फेंके और 269 विकेट अपनी झोली में डाले. खास तौर पर पावरप्ले और डेथ ओवरों के बीच में आकर बल्लेबाजों को बांधना हरभजन की मुख्य कला थी.

तेज लेग-स्पिन से शाहिद अफरीदी बल्लेबाजों पर कसते थे शिकंजा
पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) को दुनिया भले ही उनकी तूफानी बल्लेबाजी के लिए जानती हो, लेकिन वह वनडे इतिहास के सबसे सफल लेग-स्पिनरों में से एक रहे हैं. अफरीदी पारंपरिक लेग-स्पिनर के बजाय काफी तेज गति से गेंद डालते थे, जिसे पढ़ना बल्लेबाजों के लिए मुश्किल होता था. 1996 से 2015 के लंबे करियर में 398 वनडे खेलते हुए अफरीदी ने 76 मेडन ओवर फेंके और 395 विकेट चटकाए. अपनी विविधता भरी गेंदों से वह बल्लेबाजों को रन बनाने का कोई मौका नहीं देते थे.

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