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बरेली: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं उमस और नमी के कारण आंखों में जलन, खुजली और एलर्जी जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं. ऐसे मौसम में लोग आंखों की देखभाल के लिए तरह-तरह के पारंपरिक उपाय अपनाते हैं. इन्हीं में शामिल है बरेली का मशहूर सुरमा, जिसकी पहचान सिर्फ स्थानीय बाजारों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से लोग इसके इस्तेमाल से जुड़े रहे हैं.

100 साल पुरानी सुरमे की दुकान आज भी आकर्षण का केंद्र

बरेली के कुतुबखाना घंटाघर चौराहे के पास स्थित करीब 100 साल पुरानी सुरमे की दुकान आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. दुकान संचालक मोहम्मद आसिम शम्सी बताते हैं कि उनके यहां अलग-अलग प्रकार के सुरमे उपलब्ध हैं और बारिश के मौसम में आंखों की देखभाल के लिए लोग बड़ी संख्या में सुरमा खरीदने पहुंचते हैं.

बारिश में आंखों की परेशानी के बीच बढ़ती मांग

दुकानदार मोहम्मद आसिम शम्सी का कहना है कि बारिश के दौरान नमी और गंदगी के कारण लोगों को आंखों में जलन या एलर्जी जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं. ऐसे में कई लोग पारंपरिक रूप से सुरमे का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, आंखों में संक्रमण, एलर्जी या किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

10 रुपये से शुरू होकर 250 रुपये तक है कीमत

मोहम्मद आसिम शम्सी के मुताबिक, उनकी दुकान पर सुरमे की कीमत आम लोगों की पहुंच में है. यहां सुरमे की छोटी शीशी करीब 10 रुपये से शुरू होती है, जबकि अलग-अलग प्रकार और गुणवत्ता के अनुसार इसकी कीमत 250 रुपये तक जाती है. सुरमे के अलावा दुकान पर सुरमेदानी, काजल और इत्र जैसी पारंपरिक वस्तुएं भी उपलब्ध हैं.

पीढ़ियों से इस दुकान से सुरमा खरीद रहे परिवार

बरेली के इस सुरमे की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई परिवार पीढ़ियों से इसी दुकान से खरीदारी करते आ रहे हैं. सुरमा खरीदने पहुंचे स्थानीय ग्राहक गालिब रज़ा खान बताते हैं कि उनके पिता भी वर्षों से यहां आते थे और अब वह स्वयं पिछले 20 से 25 वर्षों से इस दुकान से जुड़े हुए हैं.

आधुनिक दौर में भी कायम है सुरमे की पहचान

गालिब रज़ा खान के अनुसार, उनके परिवार में सुरमे का इस्तेमाल लंबे समय से होता आ रहा है और वह इसे आंखों की सुंदरता तथा पारंपरिक देखभाल का हिस्सा मानते हैं. उनका कहना है कि आज के आधुनिक दौर में भी बरेली के सुरमे की पहचान और लोगों का भरोसा बरकरार है.

आंखों में परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह जरूरी

बारिश के मौसम में आंखों में जलन, खुजली, लालपन या लगातार पानी आने जैसी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, आंखों में कोई भी उत्पाद लगाने से पहले उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है. आंखों में संक्रमण या गंभीर परेशानी होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है.

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