- इंदिरापुरम के ज्ञानखंड-2 में भूखंड पांच लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से हुआ नीलाम
- ज्ञानखंड-3 का 90 वर्गमीटर भूखंड 2.21 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर में बिका
- आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत संपत्तियों में निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की सोमवार को आयोजित नीलामी में इंदिरापुरम योजना के भूखंड निवेशकों की पहली पसंद बने। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में हुई नीलामी में कुल 10 संपत्तियां बिकीं। इनकी बिक्री से जीडीए को 105.65 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। सबसे अधिक बोली इंदिरापुरम योजना के आवासीय भूखंडों के लिए लगी। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशन में नीलामी सुबह 11 बजे शुरू हुई। जीडीए के सचिव विवेक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित नीलामी में अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी कनिका कौशिक, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नीलामी में बड़ी संख्या में बोलीदारों ने भाग लिया और विभिन्न योजनाओं की संपत्तियों के लिए प्रतिस्पर्धी बोली लगाई। इंदिरापुरम के ज्ञानखंड-2 में 178.20 वर्गमीटर का आवासीय भूखंड पांच लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से नीलाम हुआ। इस भूखंड का रिजर्व प्राइज 95 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया था।
रिजर्व प्राइज की तुलना में कई गुना अधिक बोली लगने से जीडीए अधिकारियों में भी उत्साह नजर आया। इसी तरह ज्ञानखंड-3 में 90 वर्गमीटर का आवासीय भूखंड 2.21 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से बिका। इस संपत्ति का रिजर्व प्राइज 85 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर रखा गया था। दोनों भूखंडों के लिए निवेशकों के बीच काफी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। नीलामी में इंदिरापुरम विस्तार योजना का एक आवासीय भूखंड, ज्ञानखंड-3 में एक दुकान और एक आवासीय भूखंड तथा ज्ञानखंड-2 में एक आवासीय भूखंड शामिल रहा। इसके अलावा कोयल एनक्लेव में ग्रुप हाउसिंग और प्राइमरी स्कूल के लिए भूखंड की भी नीलामी हुई। वैशाली सेक्टर-3 में सामुदायिक केंद्र के भूखंड, यूपी बॉर्डर यानी चिकंबरपुर योजना में दो दुकान भूखंड और ब्रिज विहार योजना में निर्मित सामुदायिक केंद्र को लीज पर दिया गया। इन सभी संपत्तियों की सफल नीलामी से प्राधिकरण को 105.65 करोड़ रुपये की आय हुई। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण की संपत्तियों को खरीदारों की ओर से लगातार अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
शहर में तेजी से बढ़ रही विकास गतिविधियों और निवेश की संभावनाओं के कारण जीडीए की योजनाओं में लोगों की रुचि बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इंदिरापुरम, वैशाली, कोयल एनक्लेव और अन्य विकसित क्षेत्रों में आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत संपत्तियों की मांग बनी हुई है। नीलामी में मिली सफलता से यह स्पष्ट है कि निवेशकों का जीडीए और शहर के विकास पर भरोसा मजबूत हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में भी प्राधिकरण की अन्य संपत्तियों की नीलामी कर राजस्व बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने का प्रयास जारी रहेगा।
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