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अमावस्या को  पितरों का दिन माना जाता है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। कुछ क्षेत्रों में इसे पोला अमावस्या, पिठोरी अमावस्या अथवा मातृ अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण, दान और विशेष उपाय करने से जीवन के कष्ट, पितृदोष और मानसिक तनाव दूर होते हैं। इस पर यह अमावस्या 10 सितंबर 2026 को रहेगी।

 

पिठोरी अमावस्या 2026 तिथि

अमावस्या तिथि: 10 सितंबर 2026 (शुक्रवार)

पिठोरी व्रत प्रदोष मुहूर्त- शाम 06:46 से 09:06 तक।

 

संकट दूर करने के 5 अचूक उपाय

पीपल के वृक्ष की पूजा और दीपदान

पिठोरी अमावस्या के दिन शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 7 बार परिक्रमा करें। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर आया संकट टलता है।

 

पितृ तर्पण और दान

सुबह स्नान के बाद जल में काले तिल मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पितरों का तर्पण करें। इसके बाद किसी गरीब या जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र, तिल और गुड़ का दान करें।

 

आटे की गोलियों से मत्स्य सेवा

गेहूं के आटे में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर गोलियां बनाएं और उन्हें किसी तालाब या नदी में मछलियों को खिलाएं। इस उपाय से रुका हुआ धन वापस आता है और कर्ज की समस्या दूर होती है।

 

चींटियों और पक्षियों को भोजन

इस दिन भुने हुए आटे में चीनी (बूरा) मिलाकर चींटियों को डालें तथा पक्षियों के लिए पानी और अनाज की व्यवस्था करें। इससे कुंडली के ग्रह दोष और मानसिक अशांति शांत होती है।

 

कालसर्प और ग्रह दोष निवारण हेतु शिव पूजा

भगवान शिव का कच्चे दूध और जल से अभिषेक करें। शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। यह उपाय कालसर्प दोष और जीवन के बड़े संकटों को काटने में अत्यंत कारगर माना जाता है।

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