उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम की ओर से गृहकर जमा करने वाले शहरवासियों को राहत देते हुए महापौर सुनीता दयाल ने संपत्तिकर में मिलने वाली विभिन्न छूट की समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है। इस निर्णय से उन संपत्तिकरदाताओं को अतिरिक्त समय मिल गया है, जो निर्धारित अवधि में अपना गृहकर जमा नहीं कर पाए थे। नगर निगम का उद्देश्य करदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को समय पर संपत्तिकर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। नगर निगम क्षेत्र में सभी संपत्तिकरदाताओं के लिए अपने भवन पर निर्धारित संपत्तिकर नगर निगम कोष में जमा कराना आवश्यक होता है। छूट की सुविधा के कारण बड़ी संख्या में करदाता सुगमता से अपना गृहकर जमा करते हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए महापौर ने करदाताओं के हित में छूट की समयावधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। नगर निगम द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत करदाताओं को संपत्तिकर जमा करने पर विभिन्न प्रकार की छूट दी जा रही है। अब यह सुविधा 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। इसके तहत संपत्तिकर में 20 प्रतिशत, कूड़ा पृथक्करण में 10 प्रतिशत तथा ब्याज में 12 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन भुगतान करने वाले करदाताओं को 2 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा।
नगर निगम के इस निर्णय से शहर के उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो किसी कारणवश अभी तक अपना संपत्तिकर जमा नहीं कर सके हैं। समयसीमा बढ़ाए जाने से करदाताओं को बिना किसी अतिरिक्त जल्दबाजी के निर्धारित अवधि के भीतर अपना कर जमा करने का अवसर मिलेगा। महापौर सुनीता दयाल ने करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन भुगतान को भी प्रोत्साहित किया है। ऑनलाइन माध्यम से संपत्तिकर जमा करने वाले करदाताओं को निर्धारित छूट के साथ 2 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इससे लोगों को नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी और घर बैठे आसानी से संपत्तिकर जमा किया जा सकेगा। नगर निगम का प्रयास है कि अधिक से अधिक संपत्तिकरदाता समय रहते अपने भवन का कर जमा करें और उपलब्ध छूट का लाभ उठाएं।
अधिकारियों के अनुसार समयसीमा समाप्त होने के बाद करदाताओं को वर्तमान छूट का लाभ नहीं मिल पाएगा, इसलिए निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान करना उनके लिए अधिक लाभकारी रहेगा। महापौर के निर्णय के तहत पुराने भवनों से संबंधित छूट की समयावधि भी 30 सितंबर तक बढ़ाई गई है। इससे ऐसे भवन स्वामियों को भी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने संपत्तिकर से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य करदाताओं पर अनावश्यक आर्थिक भार डालना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधाजनक तरीके से अपना दायित्व पूरा करने का अवसर देना है। छूट की अवधि बढ़ाए जाने से शहरवासियों को राहत मिलेगी और नगर निगम को भी राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने संपत्तिकरदाताओं से अपील की कि वे 30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध छूट का लाभ उठाते हुए अपना निर्धारित संपत्तिकर जमा कराएं और नगर निगम की सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में अपना सहयोग दें।
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