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नई दिल्ली. केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से देशभर में कई ऐसी कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जो खासतौर से महिलाओं के लिए बनी है. ऐसी ही एक योजना है सुभद्रा योजना, जिसके तहत महिलाओं को हर साल 10 हजार रुपये की सीधी आर्थिक सहायता दी जाती है. अब तक 1 करोड़ 3 लाख महिलाओं ने इस योजना में अपना पंजीकरण कराया है और उन्हें राज्य सरकार की ओर से सीधे खाते में पैसे मिले हैं. यह योजना कैसे काम करती है और कौन इसका फायदा उठा सका है, इसकी पूरी जानकारी आपको होना जरूरी है.

सुभद्रा योजना को ओडिशा सरकार खासकर महिलाओं के लिए चलाती है. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने रक्षाबंधन के मौके पर राज्य की 1 करोड़ 3 लाख महिलाओं योजना के तहत 5 हजार की राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर सुभद्रा योजना के तहत राज्य की महिलाओं को पांचवीं किस्त जारी की गई है. योजना के तहत राज्य की 1,03,26,162 पात्र महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में 5,000 रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिये भेजी गई है. सरकार ने योजना की पांचवीं किस्त पर 5,163 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं. सिर्फ नयागढ़ जिले में ही 2,33,585 पात्र महिलाओं को 116.80 करोड़ रुपये बांटे गए हैं.

योजना पर कितना पैसा खर्च कर रही सरकार
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि सुभद्रा योजना सिर्फ आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण का माध्यम और प्रतीक है. इसका उद्देश्य महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने में सक्षम बनाना और उन्हें सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. सुभद्रा योजना के लिए राज्य सरकार ने हर साल 11,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है.

ओडिशा सरकार ने सुभद्रा स्कीम के तहत महिलाओं को धनराशि बांटी है.

एक महिला को हर साल कितने पैसे मिलेंगे
सुभद्रा योजना के तहत राज्य की प्रत्येक पात्र महिला को 5 वर्षों में कुल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. हर साल 5,000 रुपये की दो किस्तें सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएंगी. इसका मतलब है कि हर छमाही पर 5 हजार की किस्त मिलेगी. अभी तक करीब 80 फीसदी महिलाओं ने सुभद्रा योजना की राशि का इस्तेमाल दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा और विकास के लिए किया है. वहीं 25.52 फीसदी महिलाओं ने इस सहायता राशि से अपना कारोबार शुरू किया. इनमें सब्जी की खेती, सिलाई, स्टेशनरी की दुकान, बुनाई और डेयरी जैसे स्वरोजगार शामिल हैं.

बजट का 40 फीसदी महिलाओं पर खर्च
ओडिशा सरकार ने वुमन इंटर्नशिप प्रोग्राम के जरिये प्रदेश में 27 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है. सुभद्रा योजना की 11,789 लाभार्थियों को भी कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है. मुख्यमंत्री का कहना है कि इस साल ओडिशा के 3.10 लाख करोड़ रुपये के बजट में से 1,22,764 करोड़ रुपये यानी करीब 40 फीसदी राशि महिलाओं के लिए खर्च की जाएगी. यह राज्य में महिलाओं के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान है. जाहिर है कि इसका सबसे ज्यादा लाभ प्रदेश में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं को मिलेगा.

कौन है पात्र और कैसे करें आवेदन
सुभद्रा योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को दिया जाएगा जो न तो किसी तरह की नौकरी करती हैं और न ही पेंशनभोगी हैं. ऐसी महिलाएं जो सरकारी सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता की कैटेगरी में आती हैं, उन्हें इसका लाभ दिया जाएगा. ऑनलाइन आवेदन के लिए सरकार ने SUBHADRA पोर्टल लॉन्च किया है, जबकि ऑफलाइन आवेदन के लिए फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्रों, ब्लॉक कार्यालय और शहरी निकाय कार्यालयों से भी प्राप्त किया जा सकता है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी और योजना के लिए जरूरी अन्य दस्तावेज चाहिए.

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