नैनीताल के पास किलबरी में नयना देवी जलकुंड पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है. यह जल संरक्षण व वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी अहम पहल है. नैनी झील के लिए दुनियाभर में मशहूर है, लेकिन शहर के आसपास कई अनदेखे प्राकृतिक स्थल भी हैं. नैनीताल के पास स्थित किलबरी में बना नयना देवी जलकुंड अब पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. घने जंगल और पहाड़ों के बीच स्थित यह जगह प्रकृति के करीब सुकून के पल बिताने की शानदार जगह है.
उत्तराखंड का नैनीताल अपनी नैनी झील के लिए दुनियाभर में मशहूर है, लेकिन शहर के आसपास कई अनदेखे प्राकृतिक स्थल भी हैं. नैनीताल के पास स्थित किलबरी में बना नयना देवी जलकुंड अब पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. घने जंगल और पहाड़ों के बीच स्थित यह जगह प्रकृति के करीब सुकून के पल बिताने की शानदार जगह है.
नयना देवी जलकुंड किलबरी-पंगोट मार्ग पर घने जंगलों के बीच स्थित है. चारों तरफ फैली हरियाली और ऊंचे पहाड़ इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ाते हैं. यहां पहुंचने पर शहर की भीड़भाड़ से बिल्कुल अलग शांत वातावरण महसूस होता है. प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह खास आकर्षण बन सकती है.
नयना देवी जलकुंड नैनीताल शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर किलबरी क्षेत्र में स्थित बताया जाता है. यह बारा पत्थर-विनायक मोटर मार्ग से किलबरी की ओर जाने वाले रास्ते पर पड़ता है. घुमावदार पहाड़ी सड़क और जंगलों के बीच सफर करते हुए यहां पहुंचना अपने आप में एक खूबसूरत अनुभव है.
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वन विभाग की ओर से तैयार किए गए इस जलाशय का आकार भी खास है. इसकी लंबाई करीब 150 मीटर, चौड़ाई लगभग 20 मीटर और गहराई करीब 1.5 मीटर बताई जाती है. जलकुंड की क्षमता लगभग 60 लाख लीटर है. इसका निर्माण क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है.
मानसून के दौरान नयना देवी जलकुंड की खूबसूरती और बढ़ जाती है. बारिश के बाद जब पहाड़ बादलों और कोहरे से ढक जाते हैं, तो यहां का दृश्य बेहद मनमोहक नजर आता है. पानी से भरा जलकुंड, हरे जंगल और धुंध से ढकी पहाड़ियां पर्यटकों को तस्वीरें खींचने के लिए आकर्षित करती हैं.
जंगल के बीच बनाए गए इस जलकुंड का फायदा सिर्फ पर्यटकों को ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों को भी मिल सकता है. पानी का प्राकृतिक स्रोत उपलब्ध होने से जंगली जानवरों को पानी की तलाश में दूर तक भटकने की जरूरत कम हो सकती है. इस लिहाज से यह जल संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी अहम पहल है.
किलबरी क्षेत्र पक्षियों की विविधता के लिए जाना जाता है और नयना देवी जलकुंड के आसपास भी पक्षी दर्शन का अनुभव लिया जा सकता है. शांत जंगल और प्राकृतिक वातावरण पक्षियों को देखने के लिए अनुकूल माहौल देते हैं. यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति के खूबसूरत नजारों के साथ पक्षियों की अलग-अलग प्रजातियां भी देख सकते हैं.
नयना देवी जलकुंड के आसपास इको पार्क भी विकसित किया गया है. इसका उद्देश्य पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण के बीच बेहतर अनुभव देना और क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना है. यहां पहुंचकर पर्यटक कुछ समय शांत वातावरण में बिता सकते हैं और पहाड़ों की प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से महसूस कर सकते हैं.
अगर आपको पहाड़, जंगल, बादल और प्राकृतिक नजारे कैमरे में कैद करना पसंद है, तो नयना देवी जलकुंड आकर्षक लोकेशन हो सकती है. खासकर बारिश के बाद यहां का माहौल तस्वीरों को और खूबसूरत बना देता है. शांत वातावरण और हरियाली इसे नेचर फोटोग्राफी के लिए भी खास बनाते हैं.
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