भविष्य मालिका की भविष्यवाणियों को प्रचारित-प्रसारित करने वाले पंडित काशीनाथ मिश्र ने अपने एक वीडियो में यह जरूर कहा था कि- नेपाल में जल प्रलय भी होगा और पर्वत के ऊपर आफत आएगी, बहुत सारे लोगों का विनाश भी होगा। इसके बारे में भी लिखा है।…उन्हीं का यह वीडियो वायरल हो रहा है जिसके आधार पर लोग नेपाल की बाढ़ को भविष्य मालिका से जोड़कर वायरल कर रहे हैं।
अतिवृष्टि, जल-प्रलय और पर्वतीय प्रकोप के मूल श्लोक
1. पर्वतों का टूटना और जल-प्रलय (भूस्खलन व बाढ़):
“पर्वत छाडिबे शिला समूह, जळ प्रळये नाशिबे महि।
उत्तरु बोहिबो महा पवन, बहु प्राणी जीबे जे तहिँ॥
अर्थ: पहाड़ों से बड़ी-बड़ी चट्टानें और शिलाएँ टूटकर गिरेंगी (भूस्खलन/स्लाइड्स)। जल-प्रलय से धरती को नुकसान होगा और उत्तर दिशा की ओर से आंधी-तूफान व आपदाएँ आएँगी, जिससे जन-धन का भारी क्षय होगा।
2. अनियंत्रित वर्षा और अतिवृष्टि (बादल फटना व अनियंत्रित बाढ़):
“अकाले बरषिबो मेघ, न रहिब धरा रे जे सस्य।
प्रजाकु ग्रासिबो रोग शोक, न रहिबे केहि सुख रे॥”
अर्थ: समय के चक्र के बिना (बेमौसम) बादल भयंकर रूप से बरसेंगे, जिससे खेतों में फसलें और अन्न बह जाएँगे। पूरी प्रजा रोग, महामारी और कुदरती प्रकोप के शोक में डूब जाएगी।
3. उत्तर दिशा के बर्फ पिघलने का संकेत (हिमालय क्षेत्र):
“बरफ गडा रहिछि उत्तर मेरुरे, ए तरलिब धीरे धीरे सूर्यंक रश्मि रे।
रौद्र तापे जेतेबेले ये पृथ्वी बलिब, सेतेबेले ए बरफ गडा तरलिब॥”
अर्थ: उत्तर दिशा और पर्वतों में स्थित बर्फ की विशाल परतें धीरे-धीरे पिघलेंगी। जब पृथ्वी का तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) बढ़ेगा, तब हिमखंड पिघलकर नदियों में महाबाढ़ का कारण बनेंगे।
4. प्रलय काल में भक्तों की रक्षा का श्लोक:
“प्रभु दया करिथिबे भकतमानंकु, आज्ञा देबे मुंड टेकिबाकु बासुकिकु।
मो भक्त थिबा स्थानरे पाहाड़ होइब, जल पबन किछि ही करि न पारिब॥”
अर्थ: जब चारों तरफ जल-प्रलय (बाढ़) और प्राकृतिक प्रकोप होगा, तब ईश्वर अपने सच्चे भक्तों की रक्षा करेंगे। जहाँ भक्त रहेंगे, वह स्थान सुरक्षित रहेगा और बाढ़ का पानी या हवा वहाँ विनाश नहीं कर पाएगी।
भविष्य मालिका में हिमालय (उत्तर पर्वत) क्षेत्र के टूटने और जलप्रलय की चेतावनियाँ दी गई हैं, जिन्हें नेपाल की भौगोलिक तबाही से जोड़ा जाता है। नेपाल की प्राकृतिक आपदाओं और भविष्य मालिका की व्याख्या पर आधारित यह वीडियो इस विषय को और स्पष्ट रूप से समझने में मदद करेगा:
4. भूकंप की चेतावनी:
“स्थाने स्थाने भूमिकम्पो होइ बारुं कम्पि जिबो हिमोगिरि…”
अर्थ विभिन्न स्थानों पर बार-बार भूकंप होंगे और हिमालय कांप उठेगा, जिसके परिणामस्वरूप घर और पेड़ आदि बड़े पैमाने पर नष्ट होंगे।
5. “मरुभुई रे सेतेबेड़े भासाइनो नेबो।
अंग बंग कलिंग सौराष्ट्र रे भूकंपे थोरिबो॥”
अर्थ: “उस समय (कलयुग के अंतिम चरण में) मरुभूमि (रेगिस्तान) में पानी बह निकलेगा (जलभराव या बाढ़ आ जाएगी)। अंग (बिहार/झारखंड), बंग (बंगाल), कलिंग (ओडिशा) और सौराष्ट्र (गुजरात) क्षेत्र भूकंप से कांप उठेंगे।”
हालांकि पंडित काशीनाथ मिश्र द्वारा भविष्य मालिका की वर्तमान आधिकारिक व्याख्या में तीन बड़े भूकंपों के संदर्भ में एक अत्यंत व्यापक क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। उसमें कहा गया है कि एक दिन में दिल्ली से लेकर नेपाल, पाकिस्तान, चीन, हांगकांग, बलूचिस्तान, अफगानिस्तान, इंडोनेशिया और थाईलैंड तक करोड़ों/अरबों लोग प्रभावित होंगे।
उल्लेखनीय है कि भविष्य मालिका में जलप्रलय और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े संकेत मिलते हैं, लेकिन नेपाल की अगस्त 2026 की बाढ़ का नाम लेकर कोई प्रमाणित श्लोक उपलब्ध नहीं है। इससे पहले भी नेपाल में बाढ़ और भूकंप आते रहे हैं जो वर्तमान भूकंप और बाढ़ से कहीं ज्यादा भयानक रहे हैं। केदारनाथ की बाढ़ और कश्मीर की बाढ़ को हम तक भूले नहीं है। हिमालय क्षेत्र में हर माह छोटे बड़े भूकंप आते ही रहते हैं जिसके चलते ग्लेशियर के टूटने और भूस्खल की घटनाएं होती रहती हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह घटनाएं ज्यादा बढ़ गई है।
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



