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होमखेलक्रिकेटशून्य से शिखर तक, कन्कशन सब्स्टीट्यूट से लंका के ‘संकटमोचक’ बने सूरियाबंदारा

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who is Pasindu Sooriyabandara: श्रीलंका के युवा बल्लेबाज पसिंदु सूरियाबंदारा ने भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में संकटमोचक बनकर अपनी टीम को पारी की हार से बचा लिया. गॉल टेस्ट में कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर डेब्यू करने वाले पसिंदु ने दूसरे टेस्ट पहली पारी में 80 रन बनाए थे. इसके बाद फॉलोऑन खेलते हुए दूसरी पारी में उन्होंने 173 गेंदों पर 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 92 रनों की शानदार मैराथन पारी खेली.

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पसिंदु सूरियाबंदारा ने भारत के खिलाफ दिखाई ताकत.

नई दिल्ली.  क्रिकेट की पिच पर जब उम्मीदें दम तोड़ने लगती हैं और हार की दीवारें चारों तरफ से घेर लेती हैं, तब कोई ऐसा चेहरा सामने आता है जो अकेले दम पर तूफान को रोक लेता है. श्रीलंका के युवा बल्लेबाज पसिंदु सूरियाबंदारा ने भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है. श्रीलंका क्रिकेट के लिए एक नया ‘संकटमोचक’ मिल चुका है, जिसने अपनी हिम्मत और गजब के संयम से टीम को पारी की हार के संकट से पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

इसकी शुरुआत कुछ हफ्तों पहले गॉल टेस्ट से होती है, जहां श्रीलंकाई टीम भारत के खिलाफ मैदान पर उतरी थी. इस मुकाबले के दौरान श्रीलंका के अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल (Dinesh Chandimal) गंभीर रूप से चोटिल हो गए. टीम की मुसीबत को देखते हुए मैच रेफरी की अनुमति से पसिंदु सूरियाबंदारा (Pasindu Sooriyabandara) को ‘कन्कशन सब्स्टीट्यूट’ (सिर पर चोट लगने के विकल्प) के तौर पर प्लेइंग-11 में अचानक शामिल किया गया. इस तरह 26 वर्षीय पसिंदु ने अनियोजित और बेहद रोमांचक अंदाज में अपना टेस्ट डेब्यू किया. हालांकि, गॉल टेस्ट की उस पहली पारी में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वह बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए. डेब्यू का यह अनुभव किसी भी युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को डगमगा सकता था, लेकिन पसिंदु की मिट्टी कुछ और ही बनी थी.

पसिंदु सूरियाबंदारा ने भारत के खिलाफ दिखाई ताकत.

घरेलू क्रिकेट का लंबा तजुर्बा आया काम
कोलंबो में जन्में और 19 अक्टूबर 1999 को दुनिया में आए पसिंदु सूरियाबंदारा रातों-रात आसमान से टपके हुए सितारे नहीं हैं. इस युवा बल्लेबाज ने श्रीलंका की अंडर-19 टीम और श्रीलंका-ए के लिए लंबे समय तक पसीना बहाया है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके आंकड़े उनकी काबिलियत की गवाही खुद देते हैं. उन्होंने फर्स्ट क्लास करियर के 69 मैचों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 4,893 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 14 बेहतरीन शतक और 23 अर्धशतक भी निकले हैं. घरेलू सर्किट में उनके इसी निरंतर और दमदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था, जिसके दम पर उन्हें भारतीय चुनौती का सामना करने के लिए राष्ट्रीय स्क्वाड में जगह मिली थी.

कोलंबो टेस्ट में बल्ले से लिखी गई नई इबारत
गॉल की असफलता को पीछे छोड़ते हुए पसिंदु ने कोलंबो टेस्ट में अपने चयन को पूरी तरह से सही साबित कर दिखाया. मैच की पहली पारी में जब भारतीय गेंदबाजों का शिकंजा कस रहा था, तब पसिंदु ने क्रीज पर कदम रखा. उन्होंने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए 133 गेंदों का सामना किया और 9 शानदार चौकों की मदद से 80 रनों की बहुमूल्य पारी खेली. यह पारी उनके करियर का पहला टेस्ट अर्धशतक थी, जिसने श्रीलंका को मैच में शुरुआती झटकों से उबारा.

फॉलोऑन के दबाव में खेली गई जीवनदान वाली पारी
असली इम्तिहान दूसरी पारी में आया जब श्रीलंकाई टीम पर फॉलोऑन खेलने का बड़ा दबाव था और शीर्ष क्रम के दो बल्लेबाज जल्दी-जल्दी आउट होकर पवेलियन लौट चुके थे. टीम एक बार फिर पारी की हार के मुहाने पर खड़ी थी. ऐसे में एक बार फिर पसिंदु सूरियाबंदारा संकटमोचक की भूमिका में उतरे. उन्होंने एक छोर पर चट्टान की तरह खड़े होकर भारतीय गेंदबाजों के हर आक्रमण को नाकाम कर दिया.

पसिंदु ने दूसरी पारी में अपनी अद्भुत एकाग्रता का प्रदर्शन करते हुए 173 गेंदों का सामना किया. अपनी इस मैराथन पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए 10 शानदार चौके और एक गगनचुंबी छक्का जड़ा. उन्होंने कुल 92 रनों की शानदार पारी खेलकर अपनी टीम को पारी की आसन्न हार से पूरी तरह बचा लिया.

भविष्य का चमकता सितारा
पसिंदु सूरियाबंदारा की यह जुझारू पारी सिर्फ रनों का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह श्रीलंका क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की एक मजबूत नींव है। जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब इस युवा खिलाड़ी ने साबित कर दिया कि दबाव की भट्टी में ही असली हीरे तपकर तैयार होते हैं. भारत के खिलाफ इस सीरीज ने पसिंदु को वह मंच दे दिया है, जहां से वह आने वाले समय में श्रीलंकाई बल्लेबाजी के मुख्य स्तंभ बन सकते हैं. क्रिकेटप्रेमियों की निगाहें अब इस युवा स्टार के अगले मुकाबलों पर टिकी होंगी.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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