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-55 जलभराव हॉटस्पॉट पर निगम का अलर्ट, नगर आयुक्त ने खुद संभाली कमान और लिया व्यवस्थाओं का जायजा
-बारिश शुरू होते ही मैदान में उतरी टीमें, नालों की बाधाएं हटाकर पंप सेट से युद्धस्तर पर कराई पानी की निकासी
-लाल कुआं से वसुंधरा तक अफसरों ने खंगाले जलभराव वाले इलाके, अंडरपासों पर भी रही विशेष निगरानी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में सोमवार को हुई तेज बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने और जनजीवन को सामान्य बनाए रखने के लिए नगर निगम की टीमें पूरी तरह अलर्ट रहीं। बारिश शुरू होते ही नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश पर जलकल, स्वास्थ्य और निर्माण विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाल लिया। निगम अधिकारियों और कर्मचारियों ने आवश्यक उपकरणों व डी-वाटरिंग पंप सेट के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचकर जल निकासी की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। नगर आयुक्त ने स्वयं शहर के कई प्रमुख जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर मौके पर चल रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तेज बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति अधिक समय तक न रहे। इसके बाद निगम की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय हो गईं। गोविंदपुरम क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन नाले में जमा कंस्ट्रक्शन वेस्ट को हटवाया गया, जिसके बाद जल निकासी को सुचारू कराया गया। वहीं मालीवाड़ा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति को देखते हुए मौके पर पंप सेट लगाकर पानी की निकासी कराई गई।

नगर आयुक्त ने बताया कि बारिश शुरू होते ही जल निकासी की कार्रवाई तत्काल शुरू कर दी जाती है। निगम ने शहर में 55 ऐसे स्थानों को चिह्नित किया है, जिन्हें जलभराव के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। तेज बारिश के दौरान इन स्थानों पर अस्थायी जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, जिसके लिए पहले से ही आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। शहर में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए नगर निगम की ओर से 68 डी-वाटरिंग पंप सेट लगाए गए हैं। इन पंप सेटों के माध्यम से जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार पानी निकालने की कार्रवाई की गई। महाप्रबंधक जलकल कामाख्या प्रसाद आनंद के साथ सभी जोन की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए जल निकासी का कार्य कराया। नगर आयुक्त और निगम अधिकारियों ने लाल कुआं, अंबेडकर रोड, चौधरी मोड़, कालका गढ़ी चौक, ठाकुरद्वारा, मोहन नगर चौराहा, अप्सरा बॉर्डर, वसुंधरा और पसौंडा सहित कई प्रमुख क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जलभराव की स्थिति, पंप सेटों की उपलब्धता और जल निकासी की गति को मौके पर देखा।

विशेष रूप से अंडरपासों में जल निकासी पर लगातार निगरानी रखी गई, ताकि बारिश के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। भारी बारिश के बीच नगर निगम की टीमों ने केवल जल निकासी तक सीमित न रहते हुए नालों और जल निकासी मार्गों में आने वाली बाधाओं को भी दूर कराया। निर्माण सामग्री और कंस्ट्रक्शन वेस्ट के कारण पानी के बहाव में रुकावट वाले स्थानों को तत्काल साफ कराया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बारिश के दौरान फील्ड में लगातार मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखें और आवश्यकता पडऩे पर अतिरिक्त पंप सेट भी लगाए जाएं।

निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और जलभराव की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करे। निगम की टीमों की सक्रियता के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में जल निकासी का कार्य लगातार जारी रहा और प्रशासन ने बारिश के दौरान व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

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