अमिताभ बच्चन का बॉलीवुड के महानायक बनने का सफर आसान नहीं था. क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के मंच पर बिग बी ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों का एक कड़वा किस्सा बयां किया. उन्होंने बताया कि कैसे उनसे यह कह दिया था कि तुम्हें एक्टिंग नहीं आती. इसके अलावा सेट पर लेट पहुंचने के लिए उन्हें फिल्म से भी बाहर कर दिया गया था.
अमिताभ बच्चन ने अपने संघर्ष के दिनों को लेकर खुलकर बात की.
नई दिल्ली. फिल्म इंडस्ट्री में सफलता की बुलंदियों को छूने वाले अमिताभ बच्चन का सफर कभी इतना आसान नहीं था. आज लोग उन्हें महानायक कहते हैं, लेकिन उन्हें भी अपने शुरुआती दिनों में बार-बार रिजेक्शन और कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ा था. इस बात का खुलासा खुद अमिताभ बच्चन ने क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के मंच पर किया. बिग बी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की गोल्ड मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन, जसवंत कुमार, शर्मिला धनकर और अस्मिता डे के साथ बातचीत के दौरान अपने शुरुआती दिनों की मुश्किलें बताईं.
अमिताभ बच्चन ने संघर्ष के दिनों को याद कर बताया कि शुरुआत में उन्हें भी काफी रिजेक्शन और कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. शुरुआती दिनों में उनसे कहा गया था कि एक्टर बनने के लिए वह काफी लंबे हैं. शो के दौरान अस्मिता ने बिग बी के साथ बातचीत में पूछा, ‘जैसे एथलीट्स को ट्रेनिंग के दौरान गलती करने पर कोच डांटते हैं, क्या एक्टर्स को भी फिल्म सेट पर डायरेक्टर्स से डांट खानी पड़ती है?’
अमिताभ बच्चन को पड़ती थी डांट
अमिताभ बच्चन ने बताया कि जब वह इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें कितनी आलोचनाएं सुननी पड़ी थीं. उन्होंने कहा, ‘हमको बड़ी डांटे पड़ती थीं, शुरू-शुरू में तो लोग बोलते थे कि तुमको तो एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ आता ही नहीं, बहुत लंबे हो अपने घर जाओ.’
डायरेक्टर ने फिल्म से कर दिया था बाहर
फिर उन्होंने याद किया कि आखिरकार काम मिलने के बाद भी बुराई बंद नहीं हुई. उन्होंने कहा, ‘आमतौर हममें से सभी समय पर पहुंचने का प्रयास करते हैं, लेकिन एक बार मुझे पहुंचने में देर हो गई. सेट के बाहर डायरेक्टर खड़े थे और हम किसी और की गाड़ी लेकर पहुंचे, तब हमारे पास नहीं हुआ करती थी. सेट पर हम जैसे ही पहुंचे, तो डायरेक्टर ने हमें फिल्म से ही निकाल दिया था.’
वॉइस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर की शुरुआत
बताते चलें कि अमिताभ बच्चन पिछले पांच दशकों से ज्यादा समय से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा हैं, उनका सिनेमा से पहला जुड़ाव एक्टिंग में आने से पहले एक वॉइस-ओवर आर्टिस्ट के तौर पर हुआ था. साल 1969 में उन्होंने मृणाल सेन की ‘भुवन शोम’ में अपनी खास बैरिटोन आवाज दी थी, जो एक कम बजट की फिल्म थी जो भारत के पैरेलल सिनेमा मूवमेंट का एक लैंडमार्क बन गई.
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
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