ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर लगातार लोगों से सावधानी बरतने और सांप के काटने की स्थिति में बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने की अपील करते हैं.अगर आपके सामने किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो उस समय सबसे पहले क्या करना चाहिए और कौन-सी गलतियां बिल्कुल नहीं करनी चाहिए? आइए जानते हैं एक्सपर्ट डॉक्टर से.
सांप काटने के बाद घबराएं नहीं
डॉक्टरों के मुताबिक सांप के काटने के बाद सबसे जरूरी है कि मरीज और उसके आसपास मौजूद लोग घबराएं नहीं. मरीज को शांत रखें और उसे ज्यादा चलने-फिरने न दें. शरीर की ज्यादा गतिविधि से जहर के फैलने की गति बढ़ सकती है.सांप को पकड़ने या मारने के चक्कर में बिल्कुल समय बर्बाद न करें. सांप की पहचान करने की कोशिश भी न करें, क्योंकि इलाज का फैसला डॉक्टर मरीज के लक्षण और जरूरी जांच के आधार पर करते हैं.
शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण
खंडवा के एक्सपर्ट डॉक्टर योगेश शर्मा बताते हैं कि सांप के काटने के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. कुछ विषैले सांपों के जहर का असर तेजी से शुरू हो सकता है. ऐसे में मरीज को जितनी जल्दी संभव हो सके, नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए.काटने वाली जगह पर दर्द, जलन, सूजन और लालिमा हो सकती है. कुछ मामलों में सिरदर्द, मितली, उल्टी, कमजोरी, मांसपेशियों में अकड़न और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. हालांकि हर सांप के काटने पर एक जैसे लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है.
सांप काट ले तो तुरंत क्या करें?
सबसे पहले मरीज और खुद को शांत रखें।मरीज को ज्यादा चलने या दौड़ने न दें. उसे आराम से रखें और प्रभावित अंग की अनावश्यक गतिविधि कम करें.सांप को ढूंढने, पकड़ने या मारने में समय बर्बाद न करें.काटे स्थान को साफ रखें और उसे रगड़ें नही.मरीज को जल्द से जल्द ऐसे अस्पताल ले जाएं जहां सांप के जहर का इलाज उपलब्ध हो.अगर मरीज को उल्टी या बेहोशी जैसी स्थिति हो रही है, तो उसे सुरक्षित स्थिति में रखें और सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें.
ये गलतियां बिल्कुल न करें
सांप के काटने वाली जगह पर ब्लेड या किसी तेज चीज से चीरा न लगाएं.मुंह से जहर चूसने की कोशिश बिल्कुल न करें.घाव पर मिट्टी, गोबर, जड़ी-बूटी, तेल या कोई घरेलू पदार्थ न लगाएं.बहुत कसकर कपड़ा या रस्सी बांधकर रक्त प्रवाह रोकने की कोशिश न करें.झाड़-फूंक, तांत्रिक क्रिया या घरेलू इलाज के भरोसे अस्पताल पहुंचने में देरी न करें.सांप को पकड़ने या उसकी फोटो लेने के लिए उसके पास दोबारा जाने की कोशिश न करें.
मरीज को अस्पताल ले जाना सबसे सुरक्षित कदम
डॉक्टर योगेश शर्मा बताते हैं कि जरूरत पड़ने पर अस्पताल में मरीज को एंटी-स्नेक वेनम यानी विषरोधी दवा दी जाती है. यह उपचार सांप के जहर के असर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मरीज की स्थिति के अनुसार डॉक्टर उसकी निगरानी और अन्य जरूरी उपचार करते हैं. हर सांप जहरीला हो, यह जरूरी नहीं है हर काटने वाले सांप में जहर शरीर में चला जाए, यह भी जरूरी नहीं है. यह तय करना घर पर संभव नहीं होता. इसलिए सांप के काटने की स्थिति में जोखिम न लेते हुए मरीज को अस्पताल ले जाना सबसे सुरक्षित कदम है.
डॉक्टर की सबसे जरूरी सलाह
डॉक्टर योगेश शर्मा का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो किसी भी तरह की तांत्रिक क्रिया या दूसरे घरेलू उपचार में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर जाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराएं.बरसात में खेत, झाड़ियों, लकड़ी के ढेर और अंधेरी जगहों पर जाते समय सावधानी रखें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और जूते पहनकर ही बाहर जाएं.सांप का काटना गंभीर स्थिति हो सकती है, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचने और सही चिकित्सा मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है. इसलिए घबराएं नहीं, घरेलू नुस्खों में समय न गंवाएं और तुरंत अस्पताल पहुंचें.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



