-70 प्रतिशत दिव्यांग राजीव पत्नी के साथ पहुंचे थे जनसुनवाई में, डीएम ने गंभीरता से सुनी समस्या
-मौके पर उपलब्ध कराई व्हीलचेयर, संबंधित विभाग से संपर्क कर पेंशन की परेशानी भी कराई दूर
-सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और अनावश्यक परेशानी से बचाने पर जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनसुनवाई में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका त्वरित समाधान कराने की दिशा में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने शुक्रवार को एक और मिसाल पेश की। विजयनगर निवासी 70 प्रतिशत दिव्यांग राजीव कुमार अपनी पत्नी के साथ अपनी समस्याएं लेकर जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचे। उनकी स्थिति और जरूरत को देखते हुए जिलाधिकारी ने न केवल उनकी बात गंभीरता से सुनी, बल्कि मौके पर ही व्हीलचेयर उपलब्ध कराई। इसके साथ ही दिव्यांग पेंशन में आ रही परेशानी का भी संबंधित विभाग से तत्काल संपर्क कर समाधान कराया गया। प्रशासन की इस त्वरित पहल से राजीव कुमार और उनकी पत्नी को बड़ी राहत मिली। जनसुनवाई के दौरान राजीव कुमार ने जिलाधिकारी को अपनी परिस्थितियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि दिव्यांग होने के कारण उन्हें आवागमन सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनकी आवश्यकता को समझते हुए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने मौके पर ही उन्हें व्हीलचेयर प्रदान करने की व्यवस्था कराई।
जिलाधिकारी की ओर से तत्काल सहायता मिलने पर राजीव कुमार और उनकी पत्नी ने राहत महसूस की। इसी दौरान राजीव कुमार ने अपनी दिव्यांग पेंशन से संबंधित समस्या भी जिलाधिकारी के सामने रखी। जिलाधिकारी ने मामले को लंबित रखने के बजाय संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क किया और पेंशन संबंधी समस्या का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कराया। एक ही स्थान पर व्हीलचेयर मिलने और पेंशन की समस्या दूर होने से फरियादी को तत्काल राहत मिल गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र दिव्यांगजनों को शासन की ओर से संचालित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को किसी योजना, पेंशन अथवा अन्य सरकारी सुविधा का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनकी समस्याओं का निस्तारण संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ किया जाना जरूरी है।
जिलाधिकारी ने राजीव कुमार और उनकी पत्नी को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी यदि उन्हें किसी सरकारी योजना, पेंशन या अन्य समस्या के संबंध में कठिनाई आती है तो वे प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में आने वाले दिव्यांगजनों की शिकायतों को विशेष प्राथमिकता देते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ द्वारा जनसुनवाई के दौरान आम लोगों के साथ-साथ दिव्यांगजनों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना जाता रहा है। उनका प्रयास रहता है कि फरियादियों को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित विभागों के अधिकारियों से समन्वय कर शिकायतों का यथासंभव त्वरित निस्तारण कराया जाता है।
शुक्रवार को राजीव कुमार के मामले में भी यही संवेदनशीलता देखने को मिली। जिलाधिकारी ने उनकी स्थिति को समझते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ पेंशन की समस्या भी दूर कराई। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि जरूरतमंद और पात्र लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से दिव्यांगजनों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोडऩे और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद फरियादियों की समस्याओं का समाधान मानवीय दृष्टिकोण के साथ प्राथमिकता पर किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सके।
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