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दिल्ली में सरकारी खरीद की प्रक्रिया पहले छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए जटिल और समय लेने वाली थी। टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जानकारी हासिल करना तथा अलग-अलग प्रक्रियाओं को पूरा करना छोटे कारोबारियों के लिए चुनौतीपूर्ण था। अब जेम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) के प्रभावी उपयोग से अब सरकारी खरीद की प्रक्रिया को डिजिटल, आसान और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। इससे छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सरकारी खरीद से जुड़ने के लिए एक समान और व्यापक डिजिटल बाजार उपलब्ध हो रहा है।

सरकार द्वारा जेम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने से दिल्ली के छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सरकारी खरीद से जुड़ने का बड़ा और पारदर्शी प्लेटफॉर्म मिल रहा है।

जेम की बढ़ती खरीद ने दिलाई दिल्ली को राष्ट्रीय पहचान

दिल्ली की सरकारी खरीद में जेम के बढ़ते उपयोग और सेवाओं की खरीद में लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए दिल्ली को ‘सस्टेंड सर्विसेस प्रिक्यूरमेंट एडोप्शन’ श्रेणी के तहत सम्मानित किया गया। यह सम्मान जेम के माध्यम से सेवाओं की खरीद में बढ़ती हिस्सेदारी और जेम के फायदों को पहचानते हुए दिल्ली के सरकारी खरीदारों द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान जेम के विकास में दिल्ली के महत्वपूर्ण योगदान और सरकारी खरीद में जेम को प्रभावी रूप से अपनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की मान्यता है। 

जेम से खरीद में हो रही लगातार बढ़ोतरी

जेम के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 1,595 करोड़ रुपये की खरीद दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 624 करोड़ रुपये से 156 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी दिल्ली के छोटे कारोबारियों को मिल रहे बढ़ते बाजार और अवसरों की मजबूत तस्वीर पेश करता है। वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में कुल 4,311 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद जेम के माध्यम से हुई। यह वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसमें एमएसएमई यानी एमएसई से हुई खरीद की हिस्सेदारी लगभग 2,177 करोड़ रुपये रही।

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