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Ballia Ground Report: स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र गुजरातीदास बाबा का सैकड़ों साल पुराना मठिया भी अब कटान की चपेट में आने वाला है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर अगले 2 से 4 दिनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह 100-150 साल पुराना मठिया भी ढह जाएगा. बुजुर्गों के अनुसार यह मठिया पहले गंगा नदी के बीच में था. लेकिन बाढ़ के कारण इसे हटाकर दूसरी जगह बनाया गया था. अब यह दूसरी बार कटान की चपेट में आने वाला है.

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बलिया जिले में गंगा नदी का कटान तेजी से जारी है. जिससे कई गांवों में दहशत का माहौल है. गोपाल नगर ताड़ी, महाराजपुर, सुल्तानपुर और भोजपुरवा जैसे गांवों के बाद अब यह कटान शहरी इलाकों तक भी पहुंच गया है. शिवपुर दियरी नंबरी पांडेपुर डेरा गांव में भी तेज कटान देखा जा रहा है. जिससे स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि कटान रोकने के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है. वे आरोप लगा रहे है कि अगर प्रशासन जल्द नहीं जागा तो उनका गांव गंगा में समा सकता है. विश्वजीत प्रसाद पांडेय के डेरा शिवपुरी दियरी नंबरी के निवासी बताते है कि पिछले 24 घंटों में कटान बहुत तेज हो गया है.

खतरे में 100 साल पुराना मठिया
स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र गुजरातीदास बाबा का सैकड़ों साल पुराना मठिया भी अब कटान की चपेट में आने वाला है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर अगले 2 से 4 दिनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो यह 100-150 साल पुराना मठिया भी ढह जाएगा. बुजुर्गों के अनुसार यह मठिया पहले गंगा नदी के बीच में था. लेकिन बाढ़ के कारण इसे हटाकर दूसरी जगह बनाया गया था. अब यह दूसरी बार कटान की चपेट में आने वाला है.

मंत्री के आश्वासन के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं
स्थानीय निवासी देवानंद ने बताया कि यह मंदिर 100-150 साल पुराना है और आज ध्वस्त होने की कगार पर है. उन्होंने शिकायत की कि प्रशासन उनकी बात नहीं सुन रहा है और न ही कटान रोकने के लिए कोई व्यवस्था कर रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि एक बार परिवहन मंत्री भी यहां देखने आए थे और आश्वासन देकर चले गए. लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

सड़कें पानी में समाईं, सैकड़ों घर खतरे में
विवेक पासवान ने बताया कि जहां आज पानी भरा हुआ है. वहां पहले सड़क हुआ करती थी जो अब पानी में समा गई है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कटान इसी तरह चलता रहा तो सैकड़ों घर पानी में विलीन हो जाएंगे. यह कटान पिछले 3 सालों से हो रहा है. लेकिन प्रशासन द्वारा आज तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है.

रात में भी सताता है डर
विवेक ने बताया कि रात को सोते समय उन्हें यह डर सताता रहता है कि सुबह तक उनका घर बचेगा या नहीं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने 1 हफ्ते का धरना भी दिया था. जिसमें कटान से घरों और पूरे दियाराचल को बचाने की मांग की गई थी. उसके बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी आकर आश्वासन दिए. लेकिन आज तक कोई कार्य नहीं हुआ और न ही कोई ठोस व्यवस्था हो पाई. स्थानीय लोग मंत्री और प्रशासन से लगातार गुहार लगा रहे है कि जो कुछ भी बचा है. उसे बचाने की कृपा करें. लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है.

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Manish Rai

Manish Rai is a digital journalist with over 8 years of experience in regional and digital media. He is currently associated with News18 as the Local18 Uttar Pradesh Coordinator, where he works on planning, coo…

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