हिंदी सिनेमा के शोमैन राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ साल 1970 में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी थी. फिल्म के फ्लॉप होते ही राज कपूर कंगाल हो गए थे और उन पर कर्जे का भारी बोझ आ गया था. फिल्म को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी कृष्णा कपूर के सोने के कंगन तक गिरवी रख दिए थे. यही नहीं, देनदारों का पैसा चुकाने के लिए राज कपूर को अपना ‘आरके स्टूडियो’ तक दांव पर लगाना पड़ा था.
‘मेरा नाम जोकर’ के फ्लॉप होने पर दिवालिया हो गए थे राज कपूर.
नई दिल्ली. मशहूर फिल्ममेकर राज कपूर की ‘मेरा नाम जोकर’ साल 1970 में रिलीज हुई थी जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही. इसके बाद राज कपूर कंगाली के कगार पर पहुंच गए थे. सालों तक वह भारी कर्ज के तले दबे रहे. हालात इतने बिगड़ गए थे कि देनदारों का पैसा चुकाने के लिए उन्हें अपना आरके स्टूडियो तक गिरवी रखना पड़ा था. सिर्फ रिलीज के बाद ही नहीं, बल्कि फिल्म बनाने के दौरान भी राज पैसों की तंगी से जूझ रहे थे. हाल ही में एक इंटरव्यू में उनके भतीजे मोंटी ने खुलासा किया है कि फिल्म पूरी करने के लिए राज कपूर को अपनी पत्नी के सोने के कंगन तक गिरवी रखने पड़े थे.
मोंटी (एक्टर प्रेमनाथ के बेटे) ने विक्की ललवानी से बातचीत के दौरान ‘मेरा नाम जोकर’ की शूटिंग के दिनों को याद किया. उन्होंने लंबे समय तक मनोज कुमार के साथ बतौर असिस्टेंट काम किया था. मोंटी ने बताया कि मनोज कुमार ने राज कपूर को फिल्म खुद एडिट करने का ऑफर भी दिया था. मनोज का मानना था कि फिल्म बहुत ज्यादा लंबी हो गई है. उस दौर में ‘मेरा नाम जोकर’ 4 घंटे 15 मिनट की लंबी फिल्म थी और इसे सिनेमाघरों में दो इंटरवल के साथ दिखाया गया था.
‘मेरा नाम जोकर’ एडिट करना चाहते थे मनोज कुमार
मोंटी ने उन दिनों याद करते हुए बताया, ‘मनोज कुमार ने राज कपूर से कहा था कि आप मुझे अपनी फिल्म का दूसरा और तीसरा हिस्सा मुझे एडिट करने दीजिए. उन्हें फिल्म काफी लंबी लग रही थी. राज कपूर इस प्रोजेक्ट को लेकर इतने जुनूनी थे कि वह तो मेरे पिता (प्रेमनाथ) और शर्मिला टैगोर के साथ फिल्म का चौथा चैप्टर भी बनाना चाहते थे.’ मनोज कुमार ने भी ‘मेरा नाम जोकर’ में एक छोटा सा रोल निभाया था, जिसमें वह सिमी गरेवाल के किरदार के बॉयफ्रेंड बने थे.
राज कपूर ने मनोज कुमार को साफ कर दिया था मना
मोंटी के मुताबिक, राज कपूर ने मनोज साहब का यह सुझाव सिरे से खारिज कर दिया था. राज कपूर ने बेबाकी से कहा कि यह मेरा प्रोडक्ट है और मैं तुम्हें इसे छूने भी नहीं दूंगा. जो बना है, वह मेरी अपनी सोच और विश्वास है.’ जब मनोज कुमार ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने फिल्म में बहुत सारा पैसा लगा दिया है, तो राज साहब का जवाब दिल जीतने वाला था- तो क्या हुआ? यह सारा पैसा मैंने फिल्मों से ही तो कमाया है, और आज अपनी ही फिल्म पर लगा दिया.’
राज कपूर ने पत्नी के सोने के कंगन रखे थे गिरवी
फिल्म पिटने पर भारी कर्ज तले दब गए थे राज कपूर
साल 1970 में जब राज कपूर की फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ रिलीज हुई, तो बॉक्स ऑफिस पर इसका हश्र बेहद बुरा रहा. जूम एंटरटेनमेंट को दिए एक पुराने इंटरव्यू में एक्टर प्रेम चोपड़ा ने उस दौर को याद करते हुए बात की थी. उन्होंने बताया था कि ‘राज कपूर साहब पूरी तरह टूट चुके थे, उनका सबकुछ बिक गया था. ‘मेरा नाम जोकर’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई, जिसने राज साहब को बेहद गंभीर आर्थिक तंगी में धकेल दिया. हालात इतने खराब हो गए थे कि कर्ज चुकाने के लिए उन्हें न सिर्फ अपना ‘आरके स्टूडियो’ गिरवी रखना पड़ा, बल्कि अपनी पारिवारिक संपत्तियां तक बेचनी पड़ी थीं.’
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
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