388 रन के विशाल और नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को एक ऐसी शुरुआत की जरूरत थी जो इतिहास बदल सके. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने ठीक वैसा ही किया. उन्होंने महज़ 110 गेंदों पर 138 रनों की एक ऐसी आक्रामक और साहसिक पारी खेली, जिसमें 17 शानदार चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल थे. रोहित ने कप्तान शुभमन गिल (77 रन) के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 147 रनों की मजबूत साझेदारी की. गिल के आउट होने के बाद, रोहित ने अपने पुराने साथी विराट कोहली (74 रन) के साथ 113 रन जोड़े और एक समय भारत को जीत की दहलीज पर लाकर खड़ा कर दिया था.
रोहित शर्मा ने नहीं लिया संन्यास.
रोहित शर्मा ने रचा इतिहास… लॉर्ड्स में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बने, सौरव गांगुली का रिकॉर्ड तोड़ा
रोहित ने न हेलमेट उतारा और न शतक का जश्न मनाया
जब रोहित ने अपने वनडे करियर का 34वां शतक पूरा किया, तो उनके चेहरे पर कोई अतिरिक्त भाव नहीं था. न तो उन्होंने हवा में बल्ला लहराया और न ही लॉर्ड्स की प्रसिद्ध ‘मेंबर्स बालकनी’ से हो रही तालियों की गड़गड़ाहट का कोई अभिवादन किया. उनका यह मौन उनके भीतर चल रहे संघर्ष और जज्बे की कहानी बयां कर रहा था. इंग्लैंड की धरती पर अपना आखिरी वनडे खेल रहे रोहित ने दिखा दिया कि भले ही उम्र 39 की हो गई हो, लेकिन उनके भीतर का शेर आज भी उतना ही भूखा है. 2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं में उनका बने रहना अब महज एक औपचारिकता लगता है.
खेल के मैदान पर ही जवाब देना बेहतर समझा
हर प्रेस कॉन्फ्रेंस, टीम की घोषणा और अभ्यास सत्र के साथ रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म होता जा रहा था. हालांकि, रोहित ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस बहस में हिस्सा नहीं लिया या कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. जब सही समय आया, तो उन्होंने इस पर बात करने के बजाय अपने बल्ले को बोलने दिया और आलोचकों को खेल के मैदान पर ही जवाब देना बेहतर समझा.
रोहित ने शुरुआती ओवरों में बेहद संयम दिखाया
शुरुआत में यह पारी किसी अंधाधुंध हमले जैसी बिल्कुल नहीं थी, क्योंकि इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से कई तीखे सवाल पूछे थे. रोहित ने शुरुआती ओवरों में बेहद संयम दिखाया, परिस्थितियों का सम्मान किया, ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छोड़ा और धैर्यपूर्वक सही मौकों का इंतजार किया. कप्तान शुभमन गिल के साथ मिलकर उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि भारत शुरुआती विकेट न गंवाए, क्योंकि टीम लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे इतिहास के सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी थी.
रोहित ने लगाई रिकॉर्ड की झड़ी
रोहित शर्मा लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वनडे में शतक बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने साल 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ सौरव गांगुली द्वारा बनाए गए 90 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो अब तक इस मैदान पर किसी भारतीय का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था. क्रिकेट के इस सबसे प्रतिष्ठित मैदान पर यह रोहित का एक और मील का पत्थर है, जिसने उनके शानदार वनडे करियर में एक नया ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया है. इसके साथ ही, 39 वर्ष और 80 दिन की उम्र में शतक जड़कर रोहित लॉर्ड्स में वनडे शतक बनाने वाले सबसे उम्रदराज बल्लेबाज बन गए हैं. वह सभी प्रारूपों को मिलाकर अंतर्राष्ट्रीय शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज भारतीय क्रिकेटर भी बन गए हैं, जिसने उनके भविष्य पर सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया है.
रोहित ने इंग्लैंड में जड़ा आठवां वनडे शतक, सचिन छूट गए पीछे
इसके अलावा, रोहित ने किसी विदेशी देश में सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने का एक नया कीर्तिमान भी अपने नाम कर लिया है. इंग्लैंड की धरती पर यह उनका 8वां वनडे शतक था, जिसके साथ ही उन्होंने दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को पछाड़ दिया है. इस सूची में सचिन तेंदुलकर (यूएई में 7 शतक), सईद अनवर (यूएई में 7 शतक), एबी डिविलियर्स (भारत में 7 शतक) और क्विंटन डी कॉक (भारत में 7 शतक) जैसे नाम शामिल हैं, जिनसे अब रोहित शर्मा आगे निकल गए हैं.
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