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बॉलीवुड के ‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा लगभग 7 साल के लंबे इंतजार के बाद अपनी कमबैक फिल्म ‘रूपा’ की ऑफिशियल अनाउंसमेंट कर दी है. मीडिया से बातचीत के दौरान, उन्होंने बताया कि वह फिल्म में लीड रोल निभाएंगे और इसे खुद प्रोड्यूस करेंगे और इसमें उनके साथ एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार होंगी. लेकिन OTT प्लेटफॉर्म और नए दौर की फिल्मों के इस जमाने में क्या गोविंदा की कमबैक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल होगी? आइए इस बड़े कमबैक को एनालाइज करने की कोशिश करते हैं.

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7 साल बाद फिल्म ‘रूपा’ से गोविंदा करने जा रहे हैं फिल्मों में वापसी.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के इतिहास में कुछ ऐसे एक्टर हुए हैं, जिन्होंने बिना किसी गॉडफादर के सिर्फ अपने टैलेंट के दम पर अपना एम्पायर खड़ा किया. 80 ​​के दशक के आखिर और 90 के दशक में अगर कोई एक एक्टर था जिसका नाम सिंगल स्क्रीन से लेकर मल्टीप्लेक्स तक छाया रहा, तो वो थे गोविंदा. 2019 की फिल्म ‘रंगीला राजा’ के बाद से गोविंदा बड़े पर्दे से पूरी तरह गायब हैं, जिससे उनके फैंस के बीच गहरी खामोशी छा गई है. लेकिन, अब यह खामोशी टूटने वाली है. सिनेमा की दुनिया से ब्रेकिंग न्यूज सामने आई है. गोविंदा एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

हाल ही में उन्होंने अपनी कमबैक फिल्म ‘रूपा’ का ऑफिशियल अनाउंसमेंट किया. दिलचस्प बात यह है कि गोविंदा इस फिल्म में एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार के साथ एक्टिंग करेंगे और गोविंदा खुद न सिर्फ इस प्रोजेक्ट में लीड एक्टर का रोल करेंगे बल्कि इसके प्रोड्यूसर भी होंगे. इस बड़े अनाउंसमेंट के बाद फैंस एक्साइटेड हैं, लेकिन इसे लेकर एक बड़ा सवाल भी उठ रहा है- क्या आज की बदलती सिनेमाई दुनिया में गोविंदा का कमबैक सफल होगा?

रिस्क है या मास्टरस्ट्रोक?
गोविंदा का अपनी कमबैक फिल्म ‘रूपा’ के लिए सेल्फ-प्रोड्यूसर बनने का फैसला एक बहुत बड़ा और बोल्ड कदम है. जब कोई एक्टर खुद कोई फिल्म प्रोड्यूस करता है तो स्क्रिप्ट, कैरेक्टर और फिल्म के ट्रीटमेंट पर उसका पूरा कंट्रोल होता है. गोविंदा को इंडस्ट्री में मौजूदा डायरेक्टर या बड़े बैनर पर निर्भर रहने के बजाय खुद ही चार्ज लेना पड़ा, जिससे पता चलता है कि वह इस बदलाव को लेकर कितने सीरियस हैं. लेकिन, इसके साथ डबल रिस्क भी आता है. आज की ऑडियंस डेविड धवन और गोविंदा की जोड़ी के 90 के दशक में ‘कुली नंबर 1’ और ‘दूल्हे राजा’ जैसी फिल्मों के साथ बनाए गए ऑल-इन-वन एंटरटेनमेंट के फॉर्मूले से बहुत आगे निकल चुकी है. एक प्रोड्यूसर के तौर पर गोविंदा को ‘रूपा’ के साथ बजट और कंटेंट के बीच एक टाइट बैलेंस बनाना होगा.

आज की ऑडियंस और सबसे बड़ी चुनौतियां

  • आज की ऑडियंस 90 के दशक जैसी नहीं रही. इंटरनेट, सोशल मीडिया और OTT के आने से इंडियन ऑडियंस ने ग्लोबल सिनेमा का स्वाद चखा है. आज की ऑडियंस को सिर्फ स्टार पावर या घिसे-पिटे डबल-मीनिंग डायलॉग से नहीं लुभाया जा सकता. अगर कहानी में दम न हो, तो बड़ी से बड़ी फिल्में भी अपने पहले सोमवार को फ्लॉप हो जाती हैं. गोविंदा के लिए सबसे बड़ा चैलेंज ‘रूपा’ की कहानी को आज के समय के हिसाब से क्रिस्प, फ्रेश और लॉजिकल रखना होगा.
  • फिल्म में गोविंदा के अपोजिट एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार को कास्ट किया गया है. बड़े पर्दे पर बिल्कुल नई जोड़ी देखना हमेशा दिलचस्प होता है, लेकिन चैलेंज यह होगा कि स्क्रिप्ट उनके किरदारों को कैसे दिखाती है. क्या यह एक मैच्योर लव स्टोरी होगी, एक फैमिली ड्रामा होगी या एक हार्ड-हिटिंग सटायर होगी? आज की ऑडियंस स्क्रीन पर कैरेक्टर्स की उम्र और केमिस्ट्री पर बहुत ध्यान देती है.
  • पिछले 7 सालों में फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन और सिनेमा के बिजनेस मॉडल में बहुत बड़ा बदलाव आया है. आज छोटे और मीडियम बजट की फिल्मों को थिएटर्स में टिके रहने के लिए पहले दिन से ही जबरदस्त वर्ड-ऑफ-माउथ की जरूरत होती है. एक प्रोड्यूसर के तौर पर, गोविंदा को ‘रूपा’ की मार्केटिंग और स्क्रीन काउंट पर बहुत ध्यान देना होगा ताकि फिल्म मास ऑडियंस तक पहुंचे.

क्या कमबैक में छिपा है कोई सीक्रेट फॉर्मूला?

इन सभी चैलेंजेस के बावजूद, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि गोविंदा के अंदर का एक्टर पहले की तरह ही मजबूत और वाइब्रेंट है. उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस बेजोड़ है. अगर वह ‘रूपा’ के साथ इन 2 खास स्ट्रेटेजी को अपनाते हैं, तो सफलता पक्की है:

  1. लाउड कॉमेडी के बजाय, अगर फिल्म कंटेंपररी सिचुएशनल या सटायरिकल कॉमेडी का इस्तेमाल करती है, तो ऑडियंस उसे पसंद कर सकती है.
  2. अगर गोविंदा अपने अनुभव का इस्तेमाल करके खुद को एक मजबूत, मैच्योर और टफ कैरेक्टर में ढालते हैं, तो यह उनकी दूसरी पारी में एक टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है.
सात साल का ब्रेक किसी भी बड़े स्टार के करियर को खराब करने के लिए काफी होता है, लेकिन गोविंदा कोई आम स्टार नहीं हैं, वे इमोशन की मिसाल हैं. उनकी नई फिल्म ‘रूपा’ की घोषणा से यह साफ है कि शेर लंबी नींद के बाद फिर से दहाड़ने के लिए तैयार है. बड़े पर्दे पर उनकी ये दूसरी पारी सफल होगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि गोविंदा एक प्रोड्यूसर और एक्टर के तौर पर आज के समय के हार्ड-हिटिंग कंटेंट को ‘रूपा’ में कितना शामिल करते हैं. रानी स्वर्णकार के साथ यह नई शुरुआत बॉलीवुड में एक नया चैप्टर लिख सकती है. दर्शक अभी भी उनके स्वैगर का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद है कि ‘रूपा’ के साथ वे उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे.

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Pratik ShekharEntertainment Headपिछले 15 सालों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में एक्टिव, प्रतीक शेखर अभी News18 में एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर काम कर रहे हैं. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की गहरी समझ के साथ, प्रतीक ने खुद को एक और पढ़ें

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