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लातूर5 मिनट पहले

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शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 19 मई को दिल्ली की कोर्ट में पेश किया गया था।

सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बुधवार को स्पेशल कोर्ट में बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, महाराष्ट्र के लातूर की कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने NTA के पेपर सेटर से केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल करने के लिए ₹5 लाख दिए थे।

आरोपी मोटेगांवकर के मोबाइल से मिले हस्तलिखित नोट्स में 132 प्रश्न मिले, जिनमें से 111 प्रश्न NTA के मास्टर प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। मोटेगांवकर का बेटा कुलकर्णी की कोचिंग क्लास भी जाता था।

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया।

CBI ने मोटेगांवकर का फोन बरामद किया

सीबीआई ने मोटेगांवकर का फोन बरामद किया है, जिसमें रसायन केमिस्ट्री के 132 हाथ से लिखे प्रश्नों वाली 36 तस्वीरें (पांच डुप्लिकेट तस्वीरें) मिली हैं।

सीबीआई ने अपने जवाब में कहा कि इनमें से 111 प्रश्न नीट (यूजी) 2026 के लिए तैयार किए गए एनटीए के मास्टर प्रश्न सेट से मेल खाते हैं। एजेंसी ने कहा कि मोटेगांवकर ने कुलकर्णी की केमिस्ट्री ट्यूटोरियल क्लासेस में दिए गए पेपर से हैंड रिटन नोट्स तैयार किए थे।

CBI ने मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, बिहार पुलिस ने मामले में अलग से 30 लोगों को गिरफ्तार किया था।

शिवराज पहले पार्ट-टाइम टीचर था, आज ₹1500 करोड़ की संपत्ति

  • कोचिंग संचालक मोटेगांवकर का महाराष्ट्र के लातूर में रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) है। पहले यह मामूली पार्ट-टाइम टीचर था। आज नेटवर्थ ₹1500 करोड़ बताई जा रही है।
  • सीबीआई का आरोप है कि मोटेगांवकर की पेपर लीक नेटवर्क से पुरानी सांठगांठ रही है। भास्कर ने इस कोचिंग में पढ़ने वाले NEET 2025 में सफल छात्रों की पड़ताल की। इसमें 19 छात्रों का AIIMS में सिलेक्शन हुआ था।
  • 2 छात्रों का AIIMS दिल्ली, 5 का हैदराबाद और 3-3 का भोपाल व वाराणसी AIIMS में सिलेक्शन हुआ। नागपुर, देवघर, गोरखपुर, राजकोट, रायपुर और मंगलगिरी AIIMS में भी एक-एक छात्र पहुंचे।

मोटेगांवकर अमीर छात्रों को टारगेट करता था

सूत्रों के मुताबिक मोटेगांवकर ऐसे छात्रों को निशाना बनाता था, जो आर्थिक रूप से मजबूत हों और पढ़ाई में औसत से बेहतर हों। परिजनों से डील के बाद इन्हें रेगुलर बैच में शामिल किया जाता था।

परीक्षा से पहले आखिरी 15 दिनों में ‘वन-ऑन-वन मेंटरिंग कोर्स’ चलता था। पेपर मिलते ही इन छात्रों को सवाल-जवाब रटवाए जाते थे। CBI को इससे जुड़े कई वीडियो भी मिले हैं।

CBI के मुताबिक मोटेगांवकर कई साल से पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए प्रो. पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांढरे के संपर्क में था।

नेटवर्क में शामिल गुरुग्राम के यश यादव ने जयपुर के विकास बिवाल को NEET पेपर बेचा था। उसे पेपर नासिक के शुभम खैरनार से मिला था।

शिवराज का एक VIDEO भी वायरल हुआ था

शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का एक वीडियो भी वायरल है। इसमें वो अपने कोचिंग सेंटर की कुछ स्टूडेंट्स से एग्जाम पर चर्चा करता नजर आ रहा है। वीडियो में वह मराठी में स्टूडेंट्स से एग्जाम के बारे में पूछता है। इस पर एक स्टूडेंट्स बोलती है- हां मॉक टेस्ट वाले सभी सवाल एग्जाम में आए थे।

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