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-नगर निगम मुख्यालय में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, उपस्थिति रजिस्टर खंगालकर मांगा जवाब
-स्वास्थ्य, पेंशन, संपत्ति, आरटीआई, लेखा और निर्माण विभाग के कर्मचारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज
-जनता के काम में लापरवाही और समय की अनदेखी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी: विक्रमादित्य सिंह मलिक

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने ठीक सुबह 10 बजे औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विभागों में अधिकारियों, बाबुओं, लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की कुर्सियां खाली मिलने पर नगर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही उपस्थिति रजिस्टर की जांच की और लगातार देरी से कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए। नगर आयुक्त ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने, स्पष्टीकरण लेने तथा भविष्य में समयपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए। औचक निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रभारी अधिष्ठान एवं अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने एक-एक विभाग का निरीक्षण करते हुए कर्मचारियों की उपस्थिति का मिलान रजिस्टर से किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर निगम में समय पर उपस्थिति केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जो कर्मचारी नियमित रूप से देरी से कार्यालय पहुंच रहे हैं, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

नगर आयुक्त को पूर्व में स्वास्थ्य विभाग, पेंशन विभाग, आरटीआई विभाग और संपत्ति विभाग के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई अधिकारी एवं कर्मचारी समय से कार्यालय नहीं पहुंचते, जिससे आम नागरिकों के कार्य प्रभावित होते हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई विभागों में कर्मचारी निर्धारित समय तक अनुपस्थित पाए गए, जिस पर नगर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने बताया कि अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, लेकिन कुछ कर्मचारी लगातार समयपालन की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अब नियमित निगरानी की जाएगी और यदि कोई कर्मचारी बार-बार देर से आता है तो उसके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि समयपालन प्रशासनिक अनुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सामान्य अधिष्ठान के दो लिपिक, पेंशन विभाग के दो बाबू, विधि विभाग के एक लिपिक तथा स्वास्थ्य, निर्माण और लेखा विभाग के कुछ कर्मचारी, बाबू एवं कंप्यूटर ऑपरेटर निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं मिले।

नगर आयुक्त ने संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि सभी से तत्काल स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए और नियमानुसार एक दिन का वेतन रोका जाए। साथ ही भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर और कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम का प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता की सेवा के लिए नियुक्त है। यदि कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचेंगे तो स्वाभाविक रूप से जनसमस्याओं के समाधान में देरी होगी। समयपालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो कर्मचारी लगातार लापरवाही करेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नगर निगम के मुख्यालय के साथ-साथ सभी जोनल कार्यालयों में भी अधिकारी एवं कर्मचारी समय से उपस्थित रहें।

वरिष्ठ अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने, जनसमस्याओं का मौके पर समाधान कराने तथा निरीक्षण के दौरान जियो-टैग फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फील्ड में किए जा रहे कार्यों की पारदर्शी निगरानी हो सके। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अनुशासन, समयपालन और जवाबदेही के साथ कार्य करे। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में भी बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि सख्त अनुशासन और नियमित निगरानी से कार्य संस्कृति में सुधार आएगा तथा जनता को समय पर और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

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