-शिक्षा, छात्रवृत्ति, तकनीकी प्रशिक्षण और चिकित्सा सुविधाओं से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा लाभ: नरेंद्र कश्यप
-37 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, गरीब परिवारों के बच्चों को अनुदान और दिव्यांगजनों के लिए छह लाख तक नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था
-सपा पर साधा निशाना, कहा- पिछड़े और दलितों के नाम पर राजनीति हुई, योगी सरकार ने कई गुना बढ़ाया बजट और अवसर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के पिछड़े, दलित और दिव्यांग वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, छात्रवृत्ति, छात्रावास, कौशल विकास, प्रोफेशनल शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा जैसी योजनाओं के माध्यम से लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा रहा है। गाजियाबाद में शनिवार को आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री नरेंद्र कश्यप ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रखा जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार की मंशा तभी पूरी होगी जब बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। बैठक में मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में पिछड़ा वर्ग के लगभग 37 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और विभिन्न शैक्षिक योजनाओं से लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लगभग 1.05 लाख गरीब परिवारों के बच्चों को आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम मानते हुए लगातार नए अवसर उपलब्ध करा रही है। नरेंद्र कश्यप ने कहा कि अब पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। उन्हें ट्रिपल आईटी सहित विभिन्न तकनीकी एवं प्रोफेशनल संस्थानों में प्रवेश और अध्ययन के बेहतर अवसर दिए जा रहे हैं। साथ ही छात्रावास योजनाओं का भी विस्तार किया जा रहा है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों के छात्र बेहतर शैक्षिक वातावरण में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के अनुरूप कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य के तहत समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं और आधुनिक तकनीक के माध्यम से उनका लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों के खातों तक पहुंचाया जा रहा है।
बैठक के दौरान दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाओं का उल्लेख करते हुए नरेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांगजन’ शब्द का प्रयोग केवल शब्द परिवर्तन नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मविश्वास का संदेश था। इससे समाज में दिव्यांगजनों के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आया है और उन्हें नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा गंभीर बीमारियों और जटिल सर्जरी के लिए छह लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। दिव्यांग युवाओं को तकनीकी शिक्षा, प्रोफेशनल कोर्स और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री नरेंद्र कश्यप ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछड़े और दलित समाज की चिंता पूर्ववर्ती सरकारों के लिए केवल राजनीतिक नारा बनकर रह गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने योजनाओं और बजट के माध्यम से वास्तविक बदलाव लाने का काम किया है। उनका दावा था कि पहले पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजन कल्याण के लिए लगभग 665 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया जाता था, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर करीब 3,500 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि इस बढ़े हुए बजट का उपयोग शिक्षा, रोजगार, छात्रवृत्ति, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में किया जा रहा है।
बैठक के समापन पर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश के अन्य मंडलों में भी इसी प्रकार की समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि योजनाओं की नियमित निगरानी की जा सके और जहां कहीं भी कमियां हों, उन्हें तत्काल दूर किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाए। बैठक में मंत्री के मीडिया प्रभारी सौरभ जायसवाल, पवन कश्यप, विशाल कश्यप सहित विभागीय अधिकारी एवं विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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