आइए कालाष्टमी के महत्व को सरल बिंदुओं में समझते हैं:
1. भय और संकटों से मुक्ति
‘काल’ का एक अर्थ ‘मृत्यु’ और ‘समय’ भी है। कालभैरव की पूजा करने से इंसान को अकाल मृत्यु के भय, भूत-प्रेत की बाधाओं और हर तरह के डर से मुक्ति मिलती है। इन्हें संकटमोचक भी माना जाता है जो अपने भक्तों के सभी दुखों को हर लेते हैं।
2. नकारात्मक शक्तियों और शत्रुओं का नाश
तंत्र-मंत्र और तंत्र साधना में कालभैरव की पूजा का विशेष महत्व है। माना जाता है कि कालाष्टमी का व्रत रखने और पूजा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा यानी Negative Energy खत्म होती है और शत्रुओं तथा विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है।
3. ग्रहों के दोष (विशेषकर शनि और राहु-केतु) से राहत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भगवान कालभैरव की पूजा करने से कुंडली के क्रूर ग्रहों का प्रभाव कम होता है। शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान लोगों के लिए कालाष्टमी का व्रत और दर्शन बेहद फलदायी माना जाता है। राहु और केतु के दोषों को शांत करने के लिए भी इस दिन भैरव जी की उपासना की जाती है।
4. पापों का नाश और शुद्धि
‘भैरव’ शब्द का एक अर्थ ‘भय को भगाने वाला’ और ‘भरण-पोषण करने वाला’ भी है। इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से व्यक्ति के अनजाने में किए गए पाप कट जाते हैं और मन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है।
कालाष्टमी से जुड़ी कुछ विशेष बातें:
वाहन की पूजा: भगवान कालभैरव का वाहन काला कुत्ता है। इसलिए इस दिन काले कुत्ते को भोजन कराना-जैसे मीठी रोटी या बिस्कुट बेहद शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इससे भैरव बाबा साक्षात प्रसन्न होते हैं।
तांत्रिक और गृहस्थ दोनों के लिए महत्व: जहां एक ओर तांत्रिक और अघोरी रात के समय कालभैरव की गुप्त साधना करते हैं, वहीं आम गृहस्थ लोग जीवन में सुख-शांति और सुरक्षा के लिए दिन में साधारण पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं।
संक्षेप में कहें तो कालाष्टमी का महत्व जीवन से अंधकार, डर और बुराइयों को मिटाकर साहस, सुरक्षा और मानसिक शांति प्राप्त करने में है।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



