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Mogra Plant Care in Monsoon: गार्डनिंग करने वाले लोगों की सबसे बड़ी इच्छा होती है कि उनके मोगरे के पौधे पर पूरे सीजन भर सफेद और सुगंधित फूलों की भरमार रहे. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पौधा ऊपर से तो बिल्कुल हरा-भरा दिखाई देता है, पर उसमें फूल या तो बहुत कम आते हैं या आते ही नहीं हैं. इसकी मुख्य वजह गलत देखभाल, पोषण की कमी या फिर सही मात्रा में धूप न मिलना हो सकता है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स अपनाकर अपने मोगरे के पौधे को फूलों से लाद सकते हैं.

गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग घर और आंगन को हरा-भरा रखने की तैयारी में जुट गए हैं. तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच ऐसे पौधों की तलाश रहती है, जो कम देखभाल में भी अच्छी तरह पनप सकें और वातावरण को ताजगी से भर दें. ऐसे में मोगरे का पौधा लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है.

गर्मियों और बरसात के मौसम में अगर घर के आंगन या बालकनी में मोगरे का पौधा लगा हो, तो उसकी भीनी-भीनी खुशबू पूरे घर को तरोताजा कर देती है. मोगरे के सफेद और महकते हुए फूल हर किसी का मन मोह लेते हैं. लेकिन बहुत से लोगों की यह शिकायत होती है कि उनका मोगरे का पौधा हरा-भरा तो है, पर उसमें कलियां और फूल नहीं आ रहे हैं. अगर आप भी अपने मोगरे के पौधे में ढेर सारे फूल देखना चाहते हैं, तो बस कुछ छोटी-छोटी बातों और आसान गार्डनिंग टिप्स का ध्यान रखना होगा. इसके बाद आपका पौधा फूलों से लद जाएगा.

गार्डनिंग का शौक रखने वाले लोगों की सबसे बड़ी चाहत होती है कि उनके मोगरे के पौधे पर पूरे सीजन सफेद और खुशबूदार फूलों की बहार रहे. लेकिन कई बार बहुत देखभाल के बाद भी पौधे में फूल कम आते हैं. इसकी मुख्य वजह गलत तरीके से की गई देखरेख, सही पोषण न मिलना या पौधे को पूरी धूप न मिलना हो सकता है. अगर कुछ बेहद आसान तरीके अपनाए जाएं, तो मोगरे का पौधा कलियों से भर सकता है.

रायबरेली जिले के एक्सपर्ट अरुण कुमार सिंह बताते हैं कि मोगरे के पौधे से ज्यादा से ज्यादा फूल लेने के लिए पांच बातों का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए. पहली भरपूर धूप, सही खाद, सही मात्रा में पानी, समय पर कटाई-छंटाई और कीड़ों से बचाव. इन आसान टिप्स को फॉलो करके आप अपने मोगरे के पौधे को फूलों से भर सकते हैं, जिससे आपके घर-आंगन की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाएगी.

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मोगरे से ज्यादा फूल पाने के लिए सबसे पहले उसे सही जगह पर रखना बहुत जरूरी है. इस पौधे को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी और अच्छी धूप मिलनी ही चाहिए. अगर आप पौधे को किसी छांव वाली जगह या कमरे के अंदर रख देंगे, तो उसकी पत्तियां तो हरी-भरी रहेंगी, लेकिन उसमें कलियां नहीं बनेंगी. इसलिए गमले को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां दिनभर की अच्छी धूप आती हो.

पौधे की समय पर छंटाई करना बहुत जरूरी होता है. पौधे में जो टहनियां सूख गई हैं या कमजोर हो चुकी हैं, उन्हें कैंची से काट लें. ऐसा करने से पौधे से नई-नई शाखाएं निकलती हैं और मोगरे में जितनी नई टहनियां आएंगी, उतनी ही ज्यादा कलियां बनेंगी. जब टहनी पर लगे फूल सूख जाएं, तो उस टहनी को आगे से थोड़ा सा काट दें, इससे वहां से तुरंत नई कलियां आने लगेंगी.

मोगरे के पौधे को हैवी फीडर माना जाता है, यानी इसे अच्छे पोषण की जरूरत होती है. महीने में कम से कम एक बार गमले की मिट्टी की अच्छी गुड़ाई करके उसमें सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट जरूर डालें. इसके अलावा, केले के छिलकों को सुखाकर बनाई गई खाद या थोड़ी सी बोनमील मिट्टी में मिलाने से पौधे को पोटैशियम और फॉस्फोरस मिलता है, जो मोगरे में ढेर सारे फूल लाने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है.

मोगरे के पौधे में पानी हमेशा मौसम को देखकर ही देना चाहिए. गर्मियों के दिनों में जब गमले के ऊपर की मिट्टी सूखी हुई दिखे, तभी पानी डालें. गमले में कभी भी पानी को जमा न होने दें, क्योंकि ज्यादा पानी रहने से पौधे की जड़ें सड़ जाती हैं और पौधा सूख सकता है. वहीं बरसात के मौसम में गमले के ड्रेनेज होल को चेक करते रहें ताकि बारिश का एक्स्ट्रा पानी गमले से तुरंत बाहर निकल जाए.

मोगरे के पौधे को बीमारियों से बचाना भी बहुत जरूरी है. अगर आपको पौधे की पत्तियों पर किसी तरह के कीड़े, जाले या सफेद फंगस दिखाई दे, तो तुरंत नीम के तेल को पानी में मिलाकर पौधे पर अच्छे से छिड़काव करें. आप चाहें तो किसी जैविक कीटनाशक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे पौधा एकदम हेल्दी रहेगा, उसकी ग्रोथ अच्छी होगी और फूलों की संख्या भी अपने आप बढ़ जाएगी.

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