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कांग्रेस ने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित 70 चोरी पर 13 सवाल उठाए है. पार्टी ने SIT रिपोर्ट सार्वजनिक करने, ट्रस्ट भंग, चंपत राय पर एफआईआर और सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की मांग की है.
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कांग्रेस ने 13 सवाल किए हैं.
अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट में कथित चोरी और अनियमितताओं के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता और पार्टी की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर 13 सवाल उठाए और पांच प्रमुख मांगें सामने रखीं. उन्होंने पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग भी की.
सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में कथित तौर पर लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार और ट्रस्ट इस पूरे मामले पर जवाब देने से बच रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर मीडिया में आई खबरों के मुताबिक 40 दिनों में 70 चोरी की घटनाएं हुई हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी पूरी सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए. कांग्रेस ने पहला सवाल उठाते हुए पूछा कि इस मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई. पार्टी ने कहा कि रिपोर्ट को छिपाने की बजाय सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए.
40 दिन में 70 चोरी
दूसरे और तीसरे सवाल में कांग्रेस ने पूछा कि यदि 40 दिनों में 70 चोरी की घटनाएं हुई हैं तो पिछले साढ़े पांच वर्षों में कुल कितनी चोरी हुई और कितनी संपत्ति या चढ़ावा गायब हुआ. पार्टी का आरोप है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए. चौथे सवाल में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल निचले स्तर के लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि कथित रूप से बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है ताकि पूरे मामले का सच सामने न आए.
पांचवें सवाल में कांग्रेस ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब केंद्र और राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी तो ट्रस्ट की निजी सुरक्षा व्यवस्था क्या कर रही थी. पार्टी ने यह भी पूछा कि श्रद्धालुओं द्वारा करोड़ों रुपये मूल्य की दान की गई वस्तुएं आखिर कहां हैं.
कांग्रेस ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि क्या उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार को इन घटनाओं की जानकारी नहीं थी. पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि सरकार को जानकारी नहीं थी तो यह खुफिया तंत्र की विफलता है और अगर जानकारी थी तो सरकार भी इस मामले की जिम्मेदार है. सुप्रिया श्रीनेत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दोनों नेताओं को इस मामले पर जवाब देना चाहिए और अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए.
कांग्रेस ने इस मामले में पांच प्रमुख मांगें भी रखीं. पार्टी ने मांग की कि योगी आदित्यनाथ सरकार तत्काल SIT की रिपोर्ट सार्वजनिक करे. कथित रूप से विवादों में आए ट्रस्ट को भंग किया जाए. चंपत राय और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए. राम मंदिर में शुरुआत से अब तक आए पूरे चढ़ावे और दान का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए तथा पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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