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Marigold Cultivation: लोकल 18 से बातचीत में प्रगतिशील किसान विजय कुमार ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने खेती में कुछ नया करने की ठानी. पारंपरिक फसलों की तुलना में फूलों की खेती में बेहतर मुनाफे की संभावना देखते हुए उन्होंने गेंदे की खेती शुरू की. शुरुआत में उन्होंने कम रकबे में फूल लगाए, लेकिन अच्छे नतीजे मिलने पर धीरे-धीरे खेती का दायरा बढ़ा दिया.
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक युवक ने साबित कर दिया है कि सफलता के लिए बड़ी डिग्री से ज्यादा जरूरी मेहनत और सही सोच है. इंटरमीडिएट तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने नौकरी ढूंढने के बजाय खेती को अपना करियर बनाने का फैसला किया. आज वह गेंदे के फूल की खेती कर लाखों रुपये की कमाई कर रहे है और क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बने हुए है.
लोकल 18 से बातचीत में प्रगतिशील किसान विजय कुमार ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने खेती में कुछ नया करने की ठानी. पारंपरिक फसलों की तुलना में फूलों की खेती में बेहतर मुनाफे की संभावना देखते हुए उन्होंने गेंदे की खेती शुरू की. शुरुआत में उन्होंने कम रकबे में फूल लगाए, लेकिन अच्छे नतीजे मिलने पर धीरे-धीरे खेती का दायरा बढ़ा दिया.
सालभर रहती है डिमांड:
विजय कुमार के अनुसार, गेंदे के फूल की मांग बाजार में पूरे साल बनी रहती है. इसका उपयोग पूजा-पाठ, शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रमों और सजावट में बड़े पैमाने पर किया जाता है. इसी वजह से फूल तैयार होने के बाद उसकी बिक्री आसानी से हो जाती है. त्योहारों और शादी के सीजन में इसके दाम और बढ़ जाते हैं, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल जाता है.
कहां से मिला आइडिया:
विजय कुमार बताते हैं कि उनके एक मित्र पहले से ही गेंदे के फूल की खेती कर रहे थे. उन्होंने उनसे सलाह ली, तो मित्र ने उन्हें भी गेंदे की खेती शुरू करने की सलाह दी. उन्होंने शुरुआत में थोड़ी जमीन पर गेंदे की खेती शुरू की और फिलहाल करीब 3 बीघा में गेंदे के फूल उगा रहे हैं. वह 12 महीने गेंदे की खेती करते है.
विजय कुमार के अनुसार, वह अपने गेंदे के फूलों की सप्लाई अयोध्या में करते हैं. अयोध्या यहां से करीब 17 से 18 किलोमीटर दूर है, इसलिए उन्हें फूल पहुंचाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आती. विजय कुमार बताते है कि फिलहाल वह लगभग 1 एकड़ में गेंदे के फूल की खेती कर रहे है. इसमें 40 से 45,000 रुपये तक की लागत आती है, जबकि 1 से 1.5 लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है. हालांकि, मार्केट के हिसाब से यह आय कभी कम तो कभी ज्यादा भी हो सकती है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
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