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कोच्चि2 मिनट पहले

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इंडियन नेवी ने ओमान से कोच्चि आए एक ऑयल टैंकर से जिंदा मिसाइल को सुरक्षित निकालकर बड़ा समुद्री हादसा टाल दिया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 26 मई को MT ओलम्पिक ऑयल टैंकर पर ओमान तट के पास हमला हुआ था। इस शिप पर मार्शल आइलैंड का झंडा था।

हमले के बाद मिसाइल फटी नहीं, बल्कि टैंकर के बाहरी हिस्से को भेदते हुए फ्यूल टैंक में जाकर फंस गई। टैंकर अरब सागर में करीब 2,000 किलोमीटर का सफर तय करके कोच्चि पहुंचा। इसके बाद भारतीय नौसेना ने हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाकर वारहेड को बाहर निकाला।

रेस्क्यू मिशन की तस्वीरें

भारतीय नौसेना की एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल (EOD) टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।

भारतीय नौसेना की एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल (EOD) टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।

ऑयल टैंकर के बाहरी हिस्से में छेद करते हुए हुए मिसाइल अंदर चली गई थी।

ऑयल टैंकर के बाहरी हिस्से में छेद करते हुए हुए मिसाइल अंदर चली गई थी।

ऑयल टैंकर पर कोई भारतीय सवार नहीं था

टैंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह से कोच्चि आ रहा था। टैंकर में कोई भारतीय नागरिक सवार नहीं था। ओमान तट के पास हमले के बावजूद टैंकर ने अपनी यात्रा जारी रखी और बाद में अधिकारियों को मिसाइल फंसी होने की जानकारी दी।

इसके बाद गुरुग्राम स्थित इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) के जरिए कार्रवाई शुरू की गई। कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान ने एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल (EOD) एक्सपर्ट्स की टीम को तैनात किया।

फ्यूल टैंक के अंदर फंसा था वारहेड

जांच में पता चला कि मिसाइल का वारहेड टैंकर के फ्यूल टैंक के अंदर फंसा हुआ है। मिसाइल जिस जगह फंसी थी, वहां बड़ी मात्रा में कच्चा तेल था। विस्फोट होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। इससे जहाज, चालक दल और पोर्ट को भारी नुकसान पहुंच सकता था।

नौसेना की EOD टीम ने सावधानी के साथ कई चरणों में यह ऑपरेशन पूरा किया। पहले मिसाइल के विस्फोटक सिस्टम का पता लगाया गया और उसे निष्क्रिय किया। इसके बाद वारहेड और उससे जुड़े मलबे को सुरक्षित तरीके से टैंकर से बाहर निकाल लिया गया।

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