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-प्रधानमंत्री के विजन को मिला बल, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने की दिशा में बड़ा कदम
-विजयनगर में शुरू हुई अत्याधुनिक ई-व्हीकल पार्किंग, एक साथ चार्ज होंगे 20 वाहन
-50 इलेक्ट्रिक वाहनों से हो रहा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, प्रदूषण नियंत्रण में मिलेगी बड़ी राहत

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में नगर निगम ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम ने शहर में इलेक्ट्रिक व्हीकल आधारित स्वच्छता व्यवस्था की शुरुआत कर दी है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में विजयनगर क्षेत्र में अत्याधुनिक ई-व्हीकल पार्किंग की शुरुआत की गई है, जहां एक साथ 20 से अधिक इलेक्ट्रिक कूड़ा कलेक्शन वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। नगर निगम द्वारा शुरू की गई इस नई व्यवस्था के तहत प्रथम चरण में 50 इलेक्ट्रिक वाहनों को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य में लगाया गया है। इससे न केवल पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी, बल्कि शहर में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नगर निगम की यह पहल स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण दोनों को मजबूती प्रदान कर रही है। शनिवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्वयं मौके पर पहुंचकर ई-व्हीकल पार्किंग और कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रभारी स्वास्थ्य एवं अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस परियोजना में जेएस एनवायरो सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा भी नगर निगम को विशेष सहयोग प्रदान किया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार विजयनगर में स्थापित इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्किंग आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां एक बार में लगभग 20 इलेक्ट्रिक कूड़ा कलेक्शन वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश ने बताया कि इन वाहनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 150 किलोमीटर क्षेत्र में कूड़ा कलेक्शन कार्य किया जा रहा है। इससे ईंधन खर्च में भारी कमी आने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा। नगर निगम की यह पहल केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के व्यापक उद्देश्य को भी पूरा कर रही है। लगातार बढ़ते प्रदूषण और ईंधन संकट के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना समय की बड़ी आवश्यकता माना जा रहा है।

इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने पहले ई-रिक्शा संचालन की शुरुआत की थी और अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों को भी इलेक्ट्रिक मॉडल में परिवर्तित किया जा रहा है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि प्रथम चरण में 50 इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल किया गया है, जबकि आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके लिए निगम स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह मॉडल पूरी तरह सफल रहा तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था अधिक आधुनिक, किफायती और पर्यावरण अनुकूल बन सकेगी। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम केवल शहर की सफाई और सुंदरता पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। शहर में नगर निगम की इस नई पहल को लोगों द्वारा भी सराहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार नगर निकाय और अन्य सरकारी संस्थाएं इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें तो आने वाले वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव हो सकेगा। गाजियाबाद नगर निगम की यह पहल अब दूसरे शहरों के लिए भी प्रेरणा बनती दिखाई दे रही है।

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