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India-Cyprus Relation : भारतीय कंपनियों को यूरोप में प्रवेश करने के लिए साइप्रस एक एंट्री प्‍वाइंट के रूप में काम कर सकता है. यह बात साइप्रस के राष्‍ट्रपति ने कही. उन्‍होंने मुंबई में एक संपर्क केंद्र की भी स्‍थापना की है.

भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप का एंट्री प्‍वाइंट है यह देश, यहां कम है टैक्‍स Zoom

साइप्रस ने भारत के साथ व्‍यापार‍िक संबंध मजबूत करने की बात कही है.

नई दिल्‍ली. भारतीय कंपनियों को अगर यूरोप में एंट्री करनी है तो इसका एंट्री प्‍वाइंट साइप्रस हो सकता है. यह बात खुद साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने कही है. उन्‍होंने कहा कि उनका द्वीपीय देश यूरोप में विस्तार करने की इच्छुक भारतीय कंपनियों के लिए प्रवेश द्वार के रूप में काम कर सकता है. उन्होंने सीमा-पार साझेदारियों को सुगम बनाने के लिए भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में एक व्यापार केंद्र स्थापित करने की घोषणा भी की.

द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से ‘मुंबई व्यापार केंद्र’ एक सितंबर 2026 से चालू हो जाएगा. ‘साइप्रस-भारत व्यापार मंच’ के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि भूमध्यसागरीय देश भारतीय व्यवसायों के लिए न केवल यूरोपीय संघ बल्कि व्यापक पूर्वी भूमध्य, खाड़ी और उत्तरी अफ्रीका के बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए एक आधार के रूप में कार्य करने के लिए तैयार है.

क्‍यों बेहतर अवसर है साइप्रस
उन्होंने कहा कि साइप्रस व्यापार केंद्र को व्यापारिक संपर्क के एक आधार के रूप में काम करने के लिए तैयार किया गया है, जो भारतीय कंपनियों को साइप्रस और पूरे यूरोप में अवसरों का पता लगाने में मदद करेगा. साइप्रस की कंपनियों के साथ साझेदारी को प्रोत्साहित करेगा और स्थिर, पारदर्शी तथा पूर्ण रूप से यूरोपीय संघ-अनुपालन वाले कारोबारी माहौल के जरिये यूरोपीय संघ तक पहुंच को आसान बनाएगा. राष्ट्रपति ने कहा कि साइप्रस डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई), वित्तीय सेवाएं एवं वित्तीय प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स व माल ढुलाई अवसंरचना, पर्यटन व समुद्री सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग की मजबूत संभावनाएं देखता है.

45 करोड़ उपभोक्‍ताओं तक होगी पहुंच
साइप्रस को भारतीय व्यवसायों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए उन्होंने यूरोपीय संघ और यूरो क्षेत्र की सदस्यता, 45 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं के यूरोपीय संघ के एकल बाजार तक पहुंच, एक सामान्य कानून-आधारित कानूनी ढांचा और अंग्रेजी भाषी व्यावसायिक माहौल का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि साइप्रस के 15 फीसदी कॉरपोरेट टैक्‍स (जो यूरोपीय संघ में सबसे कम में से एक है) और 65 से अधिक देशों (जिनमें भारत भी शामिल है) के साथ दोहरे कराधान समझौतों के व्यापक नेटवर्क का फायदा उठाया जा सकता है.

यूरोप में प्रवेश के लिए तकनीक भी मिलेगी
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय कंपनियां खासकर प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल नवाचार के क्षेत्रों में, यूरोप में प्रवेश के लिए तेजी से साइप्रस का उपयोग कर रही हैं. देश कंपनियों के कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण के लिए नियामकीय समर्थन और त्वरित प्रक्रियाएं प्रदान करता है. साइप्रस दोनों देशों के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है, जिसमें प्रत्यक्ष हवाई संपर्क स्थापित करना शामिल है जिसे उन्होंने व्यापार एवं निवेश संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछले वर्ष साइप्रस यात्रा के बाद भारत-साइप्रस संबंधों के सुदृढ़ होने का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह साझेदारी एक संयुक्त घोषणा और कार्ययोजना के समर्थन से रणनीतिक रूप ले चुकी है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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