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नीय परंपराओं और क्षेत्रीय इतिहास में राजा कंस को अवध की धरती पर विदेशी आक्रमण का प्रतिरोध करने वाले योद्धा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है. वर्तमान समय में कांसमंडी के किले और उसके अंदर बने शिव मंदिर को मुस्लिमों ने कब्जा कर लिया है.

यूपी में नया विवाद, महाराजा कंस का किला या कब्रिस्तान? पासी समाज ने की अपीलZoom

कांसमंडी में पासी समुदाय और मुस्लिम समाज आमने-सामने.

लखनऊः उत्तर प्रदेश कि राजधानी लखनऊ के मलीहाबाद में एक मस्जिद और कब्रिस्तान को लेकर विवाद छिड़ गया है. पासी समाज का दावा है की ये महाराजा कंस का किला था. इसके अंदर पूजा अर्चना हुआ करता था. आज यहां नमाज पढ़ी जा रही है. इस बाबत पासी समाज के नेता सूरज पासवान ने सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र लिखा है और मांग की है की उनकी आस्था का विषय है. लिहाजा इसे पुनर्जीवित किया जाए. तो वहीं अल्पसंख्यक समाज का कहना है कि ये सरकारी दस्तावेज में ये मकबरा और मस्जिद है. अल्पसंख्यक समाज के मौलाना सूफियान के मुताबिक ये ट्रेंड बन गया है कि मस्जिद को मंदिर बनाना. पहले संभल, भोजशाला और अब मलिहाबाद.

क्या कहते हैं पुराने दस्तावेज
आपको बता दें की अंग्रेजी गजेटियर और स्थानीय ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार कासमंडी (Kasmandi) का नाम राजा कंस से जुड़ा माना जाता है, जिन्हें राजपासी शासक बताया गया है. लखनऊ गजेटियर में उल्लेख मिलता है कि 11वीं शताब्दी के अंतिम दौर में काकोरी और आसपास का क्षेत्र राजा कंस के प्रभाव में था. गजेटियर के अनुसार जब सालार मसूद गाजी दिल्ली की ओर से अवध क्षेत्र में बढ़ा, तब राजा कंस ने उसका सामना किया. कांसमंडी और काकोरी क्षेत्र को सालार मसूद और स्थानीय राजाओं के संघर्ष का प्रमुख केंद्र माना गया है.

कांसमंडी के किले और शिव मंदिर पर मुसलमानों का कब्जा
अंग्रेजी गजेटियर में यह भी दर्ज है कि कांसमंडी के आसपास सालार मसूद के दो सेनापति सैय्यद हातिम और खातिम को राजपासी राजा कंस ने मौत के घाट उतार दिया. स्थानीय परंपराओं और क्षेत्रीय इतिहास में राजा कंस को अवध की धरती पर विदेशी आक्रमण का प्रतिरोध करने वाले योद्धा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है. वर्तमान समय में कांसमंडी के किले और उसके अंदर बने शिव मंदिर को मुस्लिमों ने कब्जा कर लिया है. शुक्रवार के दिन मुस्लिम समाज के लोग किले में नमाज पढ़ने आते हैं. किले के अंदर नई कब्र बना दी गई हैं और बाहर उर्दू में शिलापट लगा दिया गया है. पासी समाज के लोग अवैध कब्जे का विरोध कर रहे हैं. पासी समाज के नेता सूरज पासवान ने सीएम योगी से एक्शन की मांग की है.

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Prashant RaiChief Sub EditorPrashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें

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