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Jaunpur News: जौनपुर का मां शीतला धाम चौकियां न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से, बल्कि लोगों की आस्था और उम्मीदों का भी बड़ा केंद्र बन चुका है. यहां आने वाले श्रद्धालु विश्वास के साथ लौटते हैं कि मां की कृपा से उनकी परेशानियां दूर होंगी. मंदिर परिसर में स्थित कुंड के जल को लेकर मान्यता है कि इसमें विशेष धार्मिक महत्व है. भक्त इस जल को श्रद्धा के साथ अपने शरीर पर लगाते हैं और मां से रोगमुक्ति की प्रार्थना करते हैं.
जौनपुर: अगर आप चर्म रोग की समस्या से जूझ रहे हैं और इलाज के बावजूद राहत नहीं मिल पा रही है, तो पूर्वांचल का प्रसिद्ध आस्था केंद्र मां शीतला धाम चौकियां इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है. मान्यता है कि यहां मां शीतला के दरबार में सच्चे मन से दर्शन करने और कुंड के पवित्र जल का स्पर्श करने से त्वचा संबंधी कई समस्याओं में राहत मिलती है.
मां शीतला धाम चौकियां लंबे समय से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. खासकर वे लोग जो चर्म रोग जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं. मंदिर परिसर में स्थित कुंड के जल को लेकर मान्यता है कि इसमें विशेष धार्मिक महत्व है. भक्त इस जल को श्रद्धा के साथ अपने शरीर पर लगाते हैं और मां से रोगमुक्ति की प्रार्थना करते हैं.
हर साल लाखों की संख्या में भीड़
मंदिर के पुजारी मुक्तेश्वर पंडा ने बताया कि हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं. उनका कहना है कि कई भक्तों ने यहां आकर अपनी समस्याओं में सुधार महसूस होने की बात कही है, जिससे इस स्थान की मान्यता और भी मजबूत हुई है. विशेष रूप से नवरात्र और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है.
मां के दरबार में दूर होती है समस्या
हालांकि चिकित्सा विज्ञान अपनी जगह है और डॉक्टर इलाज के माध्यम से रोगों को ठीक करने का प्रयास करते हैं, लेकिन आस्था और विश्वास भी लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कई लोग चिकित्सा उपचार के साथ-साथ धार्मिक स्थलों का सहारा भी लेते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.
मां शीतला को रोगों से मुक्ति देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है. यही कारण है कि चर्म रोग से पीड़ित लोग यहां विशेष रूप से आते हैं और मां के दरबार में अपनी समस्याओं से छुटकारा पाने की कामना करते हैं. मां शीतला धाम चौकियां न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से, बल्कि लोगों की आस्था और उम्मीदों का भी बड़ा केंद्र बन चुका है. यहां आने वाले श्रद्धालु विश्वास के साथ लौटते हैं कि मां की कृपा से उनकी परेशानियां दूर होंगी.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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