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नोएडा सेक्टर-110 में महर्षि आश्रम के ट्रस्ट की 3.36 हेक्टेयर जमीन बेचने समेत अन्य प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच शुरू कर दी है। निदेशालय की टीम ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को सेक्टर-105 और 100 में दो ठिकानों पर छापा मारा। 

निदेशालय ने दो आरोपियों जी रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय को गिरफ्तार किया है। जमीन की खरीद-फरोख्त में लगाई गई धनराशि का भी ब्यौरा खंगाल रही है। प्रकरण में ट्रस्ट की एसएलपी पर दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच का आदेश दिया था। 

ईडी जांच में आया है कि स्पिरिचुअल रिजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एसआरएमएफ) ट्रस्ट की जमीन बेचना जमीन घोटाला है। आरोप है कि जी रामचंद्र मोहन इस घोटाले का सूत्रधार है। उसने 2010 में खुद को ट्रस्ट का फर्जी कोषाध्यक्ष बताकर मिलता-जुलते नाम से तैयार फर्जी पैन कार्ड के जरिये बैंक खाते खोले। इसमें उसका साथ आकाश मालवीय ने दिया। आकाश ने खुद को ट्रस्ट का कार्यकारी सदस्य बताकर फर्जी सेल डीड (बिक्री विलेख) पर हस्ताक्षर किए। 

जानकारी के मुताबिक नोएडा में गेझा तिलपताबाद के रकबे में आने वाली जमीन 2024-025 में सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को बेची गई थी। इस आधार पर जांच इस कंपनी के निदेशक प्रदीप सिंह तक पहुंची। निदेशालय ने प्रदीप की भी सक्रिय संलिप्तता पाई। 

ईडी ने जी रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय को गिरफ्तार किया है। ईडी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, जाली बोर्ड प्रस्ताव और फर्जी प्राधिकरण पत्रों का इस्तेमाल कर ट्रस्ट की प्राइम लोकेशन वाली जमीनों को अवैध रूप से बेचा। इनकी कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच एजेंसी कुछ दस्तावेज भी कब्जे में लेकर गई। जांच के दौरान दोनों ही परिसर सुरक्षा घेरे में रहे। 

जांच में सामने आया कि सिंहवाहिनी इंफ्रा के निदेशक प्रदीप सिंह ने जानते हुए भी कि जमीन ट्रस्ट की है उसे खरीदा और फिर तुरंत अन्य पक्षों को बेचकर ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (अपराध की कमाई) को ठिकाने लगाया। ईडी अब उन अन्य लाभार्थियों की तलाश कर रही है जिन्होंने इस सिंडिकेट को चलाने में 

मदद की।

एफडी और लॉकरों पर भी लगी रोक 

शहर में निदेशालय की तरफ से सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के सेक्टर-100 स्थित पंजीकरण ठिकाने और इसके निदेशक प्रदीप सिंह के सेक्टर-105 स्थित घर पर छापा मारा गया।  निदेशालय ने इस कंपनी के बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट और लॉकरों पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, टोयोटा हाइब्रिड, लैंड रोवर डिफेंडर और महिंद्रा थार रॉक्स जब्त कर ली है। 

वापस मिल चुकी है 77 एकड़ जमीन

ट्रस्ट के प्रतिनिधि श्रीकांत ओझा ने बताया कि जी रामचंद्र मोहन ने ट्रस्ट की छत्तीसगढ़ में बिलासपुर-तखतपुर स्थित ट्रस्ट की 77 एकड़ जमीन इसी तरह फर्जीवाड़ा कर बेची थी। इसमें फैसला ट्रस्ट के पक्ष में आ चुका है। जमीन वापस मिल चुकी है और रजिस्ट्री शून्य हो चुकी है। गेझा तिलपताबाद की जो जमीन बेची गई उस पर आश्रम का एसटीपी व छात्रावास बना है।

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