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Kanpur News: एक तरफ सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट और दूसरी तरफ नीट एग्जाम रद्द, आखिर बच्चे करें तो क्या करें. ना उन्हें खुश होने का मौका मिल रहा और ना दु:खी होने का. 12वीं में टॉप करने वाली सोनाक्षी गोयल ने भी बोर्ड एग्जाम में 99.6 प्रतिशत लाकर टॉप किया है, लेकिन वह खुश नहीं हैं. आइए इसके पीछे की वजह के हारे में जानते हैं.

कानपुर: देशभर में नीट परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्र-छात्राओं में निराशा का माहौल है. इसी निराशा के बीच कानपुर की एक मेधावी बेटी की कहानी भी सामने आई है, जिसने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है. रावतपुर थाना क्षेत्र स्थित आनंद टावर निवासी सोनाक्षी गोयल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विषयों में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए. इतने बेहतरीन परिणाम के बावजूद सोनाक्षी के चेहरे पर वह खुशी नहीं दिखी, जिसकी सभी को उम्मीद थी. वजह है नीट परीक्षा का रद्द होना. सोनाक्षी ने इस साल खुद भी नीट परीक्षा दी थी और उनका कहना है कि उनका पेपर काफी अच्छा गया था. ऐसे में परीक्षा रद्द होने की खबर उनके लिए बड़ा झटका साबित हुई.

“मेहनत पर भरोसा होना चाहिए”
सोनाक्षी ने बातचीत में बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान हर विषय पर बराबर ध्यान दिया. उनका मानना है कि किसी भी छात्र को पढ़ाई का तनाव नहीं लेना चाहिए. अगर तैयारी मजबूत हो तो परिणाम भी अच्छे आते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को परीक्षा के समय खुद पर भरोसा रखना चाहिए. लगातार मेहनत और सही योजना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. सोनाक्षी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और कोचिंग फिजिक्स वाला के शिक्षकों को दिया.

कत्थक बना तनाव दूर करने का जरिया
सोनाक्षी ने बताया कि पढ़ाई के लंबे घंटों के दौरान जब भी वह थकान महसूस करती थीं तो कत्थक का अभ्यास करने लगती थीं. कत्थक उनके लिए सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि मानसिक शांति का जरिया भी है. उन्होंने कहा कि उन्हें किसी खेल में ज्यादा रुचि नहीं है और सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी केवल पढ़ाई से जुड़ी जानकारी के लिए करती थीं. यही वजह रही कि वह अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रख सकीं.

“अब डॉक्टर बनकर पापा का सपना पूरा करूंगी”
सोनाक्षी ने बताया कि अब उनका पूरा फोकस डॉक्टर बनने पर है. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना क्यों चुना, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सपना उनके पिता गौतम गोयल का भी था. सोनाक्षी ने बताया कि उनके पिता एक समय डॉक्टर बनना चाहते थे, लेकिन कुछ परिस्थितियों की वजह से उनका सपना पूरा नहीं हो सका. अब वह खुद डॉक्टर बनकर अपने पिता का सपना पूरा करना चाहती हैं.

“नीट रद्द होना सिस्टम की नाकामी”
नीट परीक्षा रद्द होने पर सोनाक्षी ने नाराजगी भी जताई. उन्होंने कहा कि यह केवल उनके साथ नहीं, बल्कि 22 लाख छात्रों के साथ अन्याय है. लाखों बच्चों ने दिन-रात मेहनत करके परीक्षा दी थी, लेकिन अब दोबारा परीक्षा की स्थिति ने छात्रों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है. सोनाक्षी ने कहा कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र का भविष्य इस तरह प्रभावित न हो.

About the Author

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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