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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा छह साल के लिए निष्कासित किए गए रिजु दत्ता ने दावा किया है कि विधानसभा चुनावों के बाद उनके परिवार को धमकियां मिलने पर भाजपा ने सुरक्षा देने में मदद की थी. इसके लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से भाजपा का धन्यवाद किया था और इसी वजह से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की.

रिजू दत्ता ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में टिकट देने के बदले उनसे 50 लाख रुपए मांगे गए थे. आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से टीएमसी को पूरी तरह आईपैक चला रही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी संगठन और टिकट वितरण तक में आईपैक की बड़ी भूमिका थी.

रिजू दत्ता ने कहा, “मुझे बताया गया था कि मेरा टिकट पक्का है, लेकिन बाद में मुझसे 50 लाख रुपए मांगे गए. मेरे पास इतने पैसे नहीं थे. रात में मेरी पत्नी और मां ने अपने गहने तक निकाल दिए थे, लेकिन सुबह मैंने सब वापस कर दिया. मैंने कहा कि टिकट के लिए हम अपने गहने नहीं बेचेंगे.”

उन्होंने दावा किया कि पैसे की मांग सीधे टीएमसी नेतृत्व की तरफ से नहीं, बल्कि आईपैक से जुड़े लोगों की ओर से की गई थी. रिजू दत्ता के मुताबिक, “आईपैक ने पैसे मांगे थे, टीएमसी ने नहीं. अर्जुन नाम के एक व्यक्ति ने मुझे फोन कर पैसों की मांग की.”

रिजू दत्ता ने कहा कि उन्होंने 13 साल तक पूरी निष्ठा के साथ टीएमसी के लिए काम किया. उन्होंने बताया कि वह नंदीग्राम में 27 दिनों तक पार्टी के लिए सक्रिय रहे थे. उस समय वहां सुवेंदु अधिकारी विधायक थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद हिंसा और धमकियों का माहौल बना. रिजू दत्ता ने कहा, “2011 में सीपीएम के जो गुंडे टीएमसी में आए थे, वही लोग 2026 में भाजपा में चले गए. दंगे वही लोग कर रहे थे, पुराने भाजपा कार्यकर्ता नहीं.”

रिजू दत्ता ने दावा किया कि चुनाव नतीजों के बाद उनकी मां और पत्नी को धमकियां मिलीं. उन्होंने कहा, “मेरी मां को फोन कर कहा गया कि उनके बेटे का सिर काट दिया जाएगा और उन्हें जिंदा जला दिया जाएगा. मेरी पत्नी, जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, उसे रेप की धमकियां दी गईं.”

उन्होंने बताया कि इस स्थिति में उन्होंने कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं से संपर्क किया. मैंने भाजपा के बड़े नेताओं को फोन किया और उन्होंने मेरी बात सुनी. उन्होंने मेरे परिवार की सुरक्षा में मदद की. मैंने सिर्फ इसके लिए भाजपा का धन्यवाद किया था और इसी वजह से मुझे पार्टी से निकाल दिया गया.

टीएमसी से निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजू दत्ता ने कहा कि वह इसे सजा नहीं, बल्कि अपनी ईमानदारी और निष्ठा का इनाम मानते हैं. उन्होंने कहा, “मैं उस निलंबन पत्र को अपने घर में फ्रेम करवाकर लगाऊंगा. हर सुबह उसे देखकर मुझे अपनी वफादारी और पार्टी के लिए किए गए काम याद आएंगे.” हालांकि, टीएमसी की ओर से अब तक रिजू दत्ता के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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